दोस्त को किडनी दान में देने का फैसला कर पेश किया दोस्ती की मिसाल

मंजोत जहां सिख हैं, तो वहीं समरीन मुस्लिम

जम्मू: जम्मू कश्मीर में उधमपुर की रहने वालीं मंजोत ने समरीन को अपनी किडनी देने का फैसला लिया है। उनकी किडनी भी समरीन से मैच कर गई है, लेकिन बस एक मुश्किल है। मंजोत का परिवार इसके लिए राजी नहीं है।

किडनी ट्रांसप्लांट की सख्त जरूरत

रजौरी की रहने वालीं समरीन मलिक को किडनी ट्रांसप्लांट की सख्त जरूरत है। ऐसे में उधमपुर की रहने वालीं मंजोत उनकी मदद को आगे आईं। उन्होंने अपनी दोस्त समरीन को किडनी देने का फैसला किया और अस्पताल की सारी औपचारिकताओं को पूरा किया, लेकिन आखिर में एक परेशानी आ गई।

मंजोत जहां सिख हैं, तो वहीं समरीन मुस्लिम। दोनों के बीच दोस्ती ने लोगों का दिल जीत लिया है। समरीन की दोनों किडनियां फेल हो चुकी हैं। उनके परिवार ने उन्हें किडनी दान देने का फैसला लिया, लेकिन किसी की किडनी उनसे मैच नहीं हुई।

मां की किडनी हुई थी मैच

उनकी मां की किडनी मैच हुई, लेकिन उनकी सेहत को देखते हुए डॉक्टर्स ने उनकी किडनी लेने से इनकार कर दिया। समरीन का परिवार जब सारी उम्मीदें हार गया, तब मंजोत किसी फरिश्ते की तरह उनकी जिंदगी में आईं।

मंजोत ने कहा कि वो अपने परिवार की बात समझती है, लेकिन सभी को इन सबसे ऊपर उठना होगा। उन्होंने कहा, ‘मैं उन्हें गलत नहीं कह रही। उनके नजरिये से वो सही हैं, लेकिन हमें इन भावनाओं से ऊपर उठना चाहिए और वो करना चाहिए जिसके लिए भगवान ने हमें भेजा है।’

मंजोत ने कहा कि सभी रिश्ते यहीं रह जाएंगे और किसी की जिंदगी बचाना सबसे अहम है। उन्होंने कहा कि वो बालिग हैं और अपने फैसले खुद ले सकती हैं। समरीन का इलाज श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस में हो रहा है। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. फारुक जन ने कहा कि डोनर के पिता ने अपनी बेटी के किडनी दान देने पर आपत्ति जताई है।

‘वो बालिग हैं, लेकिन प्राधिकरण समिति को प्रो और कॉन्स देखना है। इसलिए समिति, जिसमें स्वास्थ्य एक्सपर्ट, एनजीओ संगठनों, वरिष्ठ नागरिकों और वकीलों के प्रमुख विशेषज्ञ शामिल हैं, वो आश्वस्त नहीं है और उनकी तरफ से कोई मंजूरी नहीं मिली है।’ मंजोत ने समरीन को किडनी देने का फैसला कुछ महीने पहले लिया था, लेकिन इजाजत न मिलने के कारण अभी तक किडनी ट्रांसप्लांट नहीं हो पाया है।

Back to top button