प्रेमिका ने बालिग होने पर घर वालों से बगावत कर प्रेमी से मंदिर में की शादी

प्रेमी पर अपहरण व दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया गया था

अलीगढ़:उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में अपहरण व दुष्कर्म के आरोप में पांच महीने जेल में बंद प्रेमी से प्रेमिका ने बालिग होने पर घर वालों से बगावत कर मंदिर में शादी कर ली.
हाईकोर्ट से प्रेमी को जमानत मिल गई थी लेकिन इस बीच दोनों मिल नहीं सके.

वहीं, लड़की के 18 साल पूरे होने पर कोर्ट में प्रेमी से मुहब्बत की अपनी पूरी दास्तां बयान करते हुए केस वापस ले लिया. घर वालों के विरोध के बाद प्रेमिका ने मंगलवार को श्री वार्ष्णेय मंदिर में हिन्दू रीति रिवाज के अनुसार प्रेमी से शादी रचा ली.

वहीं, प्रेमिका ने बताया कि उसे अपनी जान का खतरा है और मुख्यमंत्री, एसएसपी, महिला आयोग से सुरक्षा की गुहार लगाई है. घटना थाना सासनी गेट के जयगंज इलाके की है.

दरअसल, प्यार की चिंगारी को एक लड़की ने बुझने नहीं दिया. पहली नजर में हुए प्यार को पाने के लिए लड़की बालिग होने तक इंतजार करती रही. प्रेमी भी बदनाम होने के बाद मिलन की घड़ी तक इंतजार करता रहा.

तीन साल पहले पंचनगरी की रहने वाली खुशी पाठक को कोचिंग में पढ़ने वाले वरुन से प्यार हो गया. जयगंज के रहने वाले वरुन भी खुशी पाठक के प्यार में गिरफ्तार हो गया. दोनों का प्यार परवान चढ़ गया लेकिन इस प्यार के रिश्ते को खुशी के घर वालों को रास नहीं आया. दोनों घर से भागे लेकिन खुशी के पिता प्रेमचंद्र ने थाना सासनी गेट में वरुन के खिलाफ अपहरण व दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज करा दिया.

पुलिस ने दोनों को पकड़ ल‍िया और वरुन को कानूनी शिकंजे में अपहरण व दुष्कर्म के आरोप में जेल जाना पड़ा. खुशी कोई कड़ा कदम नहीं उठा सकी क्योंकि वह नाबालिग थी. वहीं, पिता प्रेमचंद ने भी वरुन से संबंध रखने पर आत्महत्या की धमकी देकर डरा दिया था. घरवालों के विरोध के चलते खुशी तीन साल तक चुप रही.

वरुन को पांच महीने जेल में काटने के बाद हाईकोर्ट से जमानत मिल गई. 31 मार्च 2021 को खुशी पाठक ने 18 साल की उम्र पूरी कर ली और अपना मर्जी का निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र हो गई. मंगलवार को खुशी ने कोर्ट में अपने वकील को खड़ा कर जज के सामने अपने प्यार की दास्तां सुना दी. खुशी ने न्यायालय से वरुन के खिलाफ चल रहे ट्रायल को वापस ले लिया.

घर वालों के खिलाफ जाते हुए मंगलवार को खुशी ने मंदिर में शादी कर ली. इस दौरान वकील, मंदिर के पुजारी और वरुन के पिता अरविंद परिवार सहित मौजूद रहे. खुशी के घरवाले इस शादी में शामिल नहीं हुए क्योंकि अभी भी खुशी के पिता प्रेमचंद्र शादी के खिलाफ हैं.

खुशी ने लाल जोड़े में वरुन को जयमाला पहना कर अपना जीवन साथी बना लिया लेकिन उसे अब अपने घर वालों से जान का खतरा है और मुख्यमंत्री, एसएसपी व महिला आयोग को पत्र भेज कर सुरक्षा की मांग की है.

खुशी ने बताया कि कोर्ट में मेरे परिवार ने केस किया था लेकिन 18 साल की होने पर वरुन के बचाव में बयान दिया है और अब 18 प्लस होने पर अपनी मर्जी से शादी कर रही हूं. वरुन के पिता अरविंद अग्रवाल ने बताया कि तीन साल पहले दोनों का अफेयर चल रहा था और वह शादी करना चाहते थे लेकिन 18 साल से कम होने के चलते नहीं कर पायें. अब कोर्ट को सच्चाई बता कर बेधड़क अपनी मर्जी से शादी कर रहे हैं.

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