पैदा होने से पहले ही होता था लड़कियों का सौदा, तस्करी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश

इस गिरोह का भांडा फोड़ने के लिए पिछले 6 महीने से ऑपरेशन चलाया जा रहा था

पैदा होने से पहले ही होता था लड़कियों का सौदा, तस्करी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश

हैदराबाद से एक चौंका देने वाला मामला सामने आया है। एक निजी टीवी चैनल के स्टिंग ऑपरेशन से पता चला है कि पैदा होने से पहले ही यहां पर लड़कियों की कीमत तय हो जाती है। धड़ल्ले से बच्चों की तस्करी का धंधा चलाया जा रहा है। टीम की ओर से इस गिरोह का भांडा फोड़ने के लिए पिछले 6 महीने से ऑपरेशन चलाया जा रहा था।

इस पूरे गोरखधंधे का खुलासा करने के लिए नकली ऑफिस बनाया गया और जहां पर कैमरा लगाए गए थे। कैमरे के सामने बच्चों की तस्करी कर रहे गैंग में शामिल लोगों को फर्जी दंपति बनकर संपर्क इस ऑफिस में सौदा तय करने के लिए बुलाया गया। उनलोगों ने बताया कि वह पैसे के बदले बच्चा दिलवा सकते हैं। गैंग में शामिल रवि (32) ने बताया कि अल्ट्रासाउंड से पता चला है कि उसकी दूसरी पत्नी को एक हफ्ते में लड़की होने वाली है। वह इसको दे सकता है। इतना ही नहीं, कैमरे से अनजान रवि ने इसके अलावा और भी विकल्प बताए। उसने कहा कि उसकी बहन को तीन बेटियां हैं। अगर उनमें से कोई ठीक लगे तो वह दिलवा सकता है।

पिछले 6 महीने में रवि कई और पेशकश कर चुका था। बातों ही बातों में पता चला कि इस पूरे गोरखधंधे में एक पूरा गिरोह काम कर रहा है। रवि ने बताया कि वह आदिवासी इलाकों से भी बच्चे लाकर हैदराबाद और आसपास के इलाकों में बेचता है। इससे पहले रवि स्टिंग टीम के सदस्य को एक निजी अस्पताल ले गया था जहां एक पांच दिन का बच्चा दिखाकर उसने कहा कि यह भी मेरा बच्चा है। रवि ने उसके बदले 80 हजार रुपये मांगे थे और कहा था कि 50 हजार रुपये तो नर्स और बीच के लोगों को देने पड़ेंगे जो सरकारी दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर बच्चे को मरा हुआ दिखा देंगे।

रवि ने कहा, ‘मुझे कागज पर बच्चे को मरा हुआ दिखाने के लिए नर्स को 50,000 रुपये देने होंगे। पिछली बार मुझे एक बच्चे को पूरे महीने घर पर रखना पड़ा था और एक रात अंधेरे मैं उसे हैदराबाद छोड़कर आया।’ जब यह पूछा गया कि वह गांव के रिश्तेदारों को कैसे समझाएगा तो उसने कहा, ‘हमें सिर्फ इतना करना है कि गड्ढा खोदकर तीन पत्थर दबाने हैं और यह कहकर आंसू बहाने हैं कि बच्ची मर गई। यह सब मैनेज हो जाएगा।’

सारी बातें पक्की होने पर स्टिंग टीम ने दो दिन बाद हैदराबाद में मिलकर बच्चा लेने की बात की और इस बीच पुलिस को भी सूचित किया। रवि पहले लोकेशन देखने, पैसे लेने और गिनने आया। इसके बाद उसकी पत्नी ने बच्ची स्टिंग टीम के दंपती को बच्चा सौंपा और तभी पुलिस आ गई। बाद में पता चला कि दोनों के साथ चार और लोग भी हैं, उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया गया। बताया गया कि रवि वैसे तो टैक्सी चालक है लेकिन उसकी आय का मुख्य स्रोत बच्चों की तस्करी ही था।

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