छत्तीसगढ़

किसानों को सम्मान दो, किसानी को मान दो अभियान

अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा छत्तीसगढ़ के सदस्यों ने "किसानों को सम्मान दो, किसानी को मान दो" अभियान के तहत सोशल डिस्टेंसिग का पालन करते हुए केन्द्र सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ बेलटुकरी, राजिम में प्रदर्शन किया।

दीपक वर्मा राजिम
राजिम: अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति जो देश के 300 से अधिक किसान संगठनों का समन्वय समिति है के आह्वान पर 16 मई को अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा छत्तीसगढ़ के सदस्यों ने “किसानों को सम्मान दो, किसानी को मान दो” अभियान के तहत सोशल डिस्टेंसिग का पालन करते हुए केन्द्र सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ बेलटुकरी, राजिम में प्रदर्शन किया। इस अवसर पर तेजराम विद्रोही, मनोज कुमार, नीरा, संगीता, मोहन लाल उपस्थित रहे।

राज्य सचिव तेजराम विद्रोही ने कहा

अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा के राज्य सचिव तेजराम विद्रोही ने कहा कि भाजपा ने 2014 में स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने, लागत के आधार पर डेढ़ गुणा समर्थन कीमत देने का वायदा किया था परंतु उससे भी मुकर गया है। आज कोरोना संकट और बेमौसम बारिश व वोला के चलते किसानों की हालत दयनीय है। अभी भी किसान अपनी फसलों को औने पौने दाम पर बेचने मजबूर है।

सरकार ने लॉक डाउन की परिस्थितियों में किसानों की उपज उनके खेतों से खरीदने की बात कही थी परंतु उसका भी व्यवस्था नहीं कर पाया। 45 दिनों में कॉरपोरेट घरानों को हुए नुकसान को भरपाई करने 20लाख करोड़ रुपये की आर्थिक पैकेज दिया जा सकता है लेकिन किसान जो लगातार घाटा सहन करते आ रहे हैं उन्हें मदद देने उनकी फसल का लाभकारी मूल्य देने की इच्छा शक्ति नहीं है इसी तरह सरकार देश के प्रवासी मजदूरों को अपने हाल में मरने को छोड़ दिया है।

अंतराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम पदार्थों की दामों में लगातार कमी आयी है परंतु भारत सरकार दामों में कम करने के बजाय बढ़ाते गया है। सरकार की ऐसे तमाम जन विरोधी, किसान विरोधी नीतियों का हम विरोध करते हैं।

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