ग्लोबल टाइ्स का दावा: बनी सहमति, सीमा से सेना पीछे कर सकते हैं भारत-चीन

दोनों पक्ष सीमा पर फ्रंट लाइन से अपनी सेनाओं को चरणों में पीछे लेंगे

नई दिल्ली. चीनी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने दावा किया है कि भारत और चीन (India and China) के बीच सीमा से सेनाओं को पीछे लेने की आपसी सहमति बन गई है.

दोनों देशों के अधिकारियों के बीच तीसरे राउंड की बैठक में ये सहमति बनी है. दोनों ही देश सीमा पर शांति के लिए उयुक्त प्रयास करेंगे. सेना पीछे हटाने की प्रक्रिया चरणों में की जाएगी.

ये खबर चीनी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने सूत्रों के हवाले से दी है. गौरतलब है कि भारत और चीनी सैन्य अधिकारियों के बीच 30 जून को तीसरे राउंड की बैठक संपन्न हुई है.

दोनों पक्षों के बीच स्थितियों को सामान्य करने के लिए गंभीरता से बातचीत हुई है. वर्तमान तनावपूर्ण स्थितियों को सामान्य करने के लिए लंबी चर्चा हुई है. क्या है चीनी अखबार का दावा

दोनों पक्ष सीमा पर फ्रंट लाइन से अपनी सेनाओं को चरणों में पीछे लेंगे

ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक दोनों पक्ष सीमा पर फ्रंट लाइन से अपनी सेनाओं को चरणों में पीछे लेंगे. अखबार के मुताबिक दोनों ही पक्षों ने सीमा पर शांति कायम करने की इच्छा जताई है. साथ ही इस बात पर भी सहमति बनी है कि दोनों ही पक्ष कोशिश करेंगे कि तनाव की स्थितियां अब न बढ़ें.

तीन बार हुई वार्तागौरतलब है कि भारत और चीन के सैन्य अधिकारियों के बीच बीते एक महीने के दौरान तीन बार वार्ता हो चुकी है. पहली वार्ता 6 जून को हुई थी जिसमें सेनाएं पीछे लेने का फैसला हुआ था.

लेकिन चीन की तरफ से ऐसा नहीं किया गया. 15 जून को दोनों देशों के सैनिकों के बीच बर्बर हिंसक झड़प हुई जिसमें 20 भारतीय सैनिक शहीद हुए थे. भारतीय सेना की तरफ से कहा गया था कि चीनी पक्ष से कम से कम 43 सैनिक हताहत हुए हैं. इस घटना के बाद सीमा विवाद गहराता चला गया है.

इसके बाद सैन्य अधिकारियों की बातचीत 22 जून को भी हुई थी. लेकिन इसके बावजूद भी चीन की तरफ से सेनाएं नहीं हटाई गईं. बल्कि पूर्वी लद्दाख से लगने वाले जिनजियांग प्रांत में चीन ने अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती कर दी है. अब एक बार फिर चीनी मीडिया की तरफ से शांति की बातें तो आ रही हैं लेकिन क्या खुद चीन इस वार्ता का सम्मान करेगा?

भारत ने बैन किए चीनी ऐप्स

गौरतलब है कि हाल में भारत की तरफ से सुरक्षा का हवाला देते हुए 59 चीनी ऐप्स को बैन कर दिया गया था. जिसके बाद चीन की तरफ से भी तीखी प्रतिक्रिया दी गई है. भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि वो अपनी सीमाओं के साथ कोई खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगा.

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