गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर का आज शाम पांच बजे किया जाएगा अंतिम संस्कार

गोवा में 7 दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया

नई दिल्ली: लंबे समय से बीमार चल रहे गोवा के मुख्यमंत्री और भाजपा के दिग्गज नेता मनोहर पर्रिकर का रविवार शाम को निधन हो गया। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। आज सोमवार शाम पांच बजे अंतिम संस्कार किया जाएगा।

शोक में डूब गया पूरा देश

मनोहर पर्रिकर के निधन के बाद पूरा देश शोक में डूब गया है. आज राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई है. वहीं गोवा में 7 दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया. इस दौरान पूरे गोवा में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा. इसके साथ ही 18 मार्च को सभी सरकारी ऑफिस, स्थानीय स्वायत्त निकाय, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, सहायता प्राप्त संस्थान सहित सभी शैक्षणिक संस्थान 18 मार्च को बंद रहेंगे.

गोवा खेल प्राधिकरण के मैदान में ले जाया जाएगा पार्थिव शरीर

इसके बाद पार्थिव शरीर को अंत्येष्टि के लिए शाम 5 बजे गोवा खेल प्राधिकरण के मैदान में ले जाया जाएगा. मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, उनका पार्थिव शरीर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) कार्यालय और प्रदेश के कला-संस्कृति केंद्र में सुबह एवं दोपहर में रखा जाएगा, ताकि लोग उनके अंतिम दर्शन कर सकें और श्रद्धांजलि दे सकें.

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने जताया शोक

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पर्रिकर के निधन पर गहरा शोक जताया है. उन्होंने एक ट्वीट में कहा, ‘गोवा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर पर्रिकर के निधन की खबर सुनकर अत्यंत दुखी हूं. सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी और निष्ठा के एक प्रतीक के रूप में गोवा और भारत के लोगों के लिए उनकी सेवा को भुलाया नहीं जाएगा.

विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने पर्रिकर के निधन पर शोक जताया है. पार्टी सूत्रों ने कहा कि रक्षा मंत्री रहे पर्रिकर की अंत्येष्टि में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है.

गोवा का मुख्यमंत्री बनने वाले बीजेपी के पहले नेता पर्रिकर ने 2000-05 तक और फिर 2012-14 तक राज्य का नेतृत्व किया. इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में 2014 में रक्षामंत्री का पद संभाला. पर्रिकर देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री थे, जिन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान से पढ़ाई की थी. उन्हें 2000 से चार बार मौका मिला, लेकिन वह एक बार भी पूरे कार्यकाल तक पद पर नहीं रह पाए.

वह 2017 में वापस राज्य की राजनीति में लौट आए और उन्होंने गठबंधन सरकार का नेतृत्व संभाला और लंबी बीमारी के बावजूद वह पद पर बने रहे. इस बीच विपक्ष और नागरिक समाज ने उनकी आलोचना भी की और खराब स्वास्थ्य के आधार पर बार-बार उनके इस्तीफे की मांग भी की.

पर्रिकर की पत्नी का पहले ही निधन हो गया था। उनके परिवार में उनके दो पुत्र उत्पल और अभिजीत, उनकी पत्नियां और एक पोता है.

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