छत्तीसगढ़

हरेली’ पर्व से जिले के 114 गौठानों में ‘गोधन न्याय योजना’ की होगी शुरूआत

हिमालय मुखर्जी ब्यूरो चीफ रायगढ़

रायगढ़: गोधन न्याय योजना के तहत जिले के 114 गौठानों में ‘हरेली’ पर्व 20 जुलाई से पशुपालकों से गोबर क्रय किये जाने की शुरूआत हो रही है। कलेक्टर श्री भीम सिंह ने आज विडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से जिले के सभी एसडीएम और जनपद सीईओ को इस संबंध में सभी आवश्यक तैयारियां 19 जुलाई तक पूर्ण कर लेने के निर्देश दिये है।

उन्होंने बताया कि ‘हरेली’ का त्यौहार परम्परागत तरीके से जिले के सभी ग्राम पंचायतों मे मनाया जायेगा और 114 गौठानों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों विधायक, जनपद पंचायत अध्यक्ष, जनपद पंचायत सदस्यगण के मुख्य आतिथ्य में ‘हरेली’ पर्व पारंपरिक ढंग से मनाते हुये गोधन न्याय योजना की शुरूआत भी की जायेगी।

कलेक्टर श्री सिंह ने अधिकारियों को उनके क्षेत्र के स्थानीय जनप्रतिनिधियों केा आमंत्रित किये जाने तथा गौठान स्थल और समय की जानकारी से अवगत कराने के निर्देश दिये है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देश पर महत्वाकांक्षी गोधन न्याय योजना की शुरूआत पूरे प्रदेश में किया जा रहा है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन से एक ओर जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा वहीं दूसरी ओर शहरी और ग्रामीण स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेगे तथा पशुपालकों की आय में वृद्धि होगी।

कलेक्टर श्री सिंह ने पशुपालकों से गोबर क्रय किये जाने की प्रक्रिया के बारे में बताते हुये कहा कि गौठान समितियों के माध्यम से ऐसे स्व-सहायता समूहों को चिन्हांकित कर लिया जाये जो इस कार्य को मन लगाकर करे और पशुपालक अपने घर से गोबर लायेंगे उसे वजन कर सीपीटी में एकत्र करना है उसके 15 दिनों बाद वर्मी कम्पोस्ट पिट में डालना है इसके 45 दिनों बाद 5 किलो, 10 किलो और 15 किलो ग्राम की पैकेजिंग कर सोसायटी के माध्यम से बिक्री की जायेगी। वर्मी कम्पोस्ट खाद की बिक्री में स्थानीय किसानों को प्राथमिकता दी जायेगी इसके बाद वन विभाग, कृषि, रेशम विभाग तथा अन्य व्यक्तियों को उपलब्ध कराया जायेगा। गोबर की बिक्री करने वाले प्रत्येक पशुपालक का कार्ड बनाया जायेगा और कार्ड में तिथिवार बिक्री की प्रविष्टि की जायेगी। पशुपालकों को गोबर बिक्री की राशि (परिवहन व्यय सहित) 2 रुपये प्रति किलो के अनुसार 15 दिनों के भीतर उनके खाते में प्राप्त होगा। पशुपालकों के घरों से गोबर एकत्र कर गौठान तक लाने के लिए ट्रैक्टर , बैलगाड़ी या अन्य साधन गौठान समितियां स्थानीय स्तर पर कर सकती है। गोबर एकत्र करने के प्रक्रिया में गौठानों में रहने वाले पशुओं का गोबर चरवाहों द्वारा एकत्र कर उसी गौठान के क्रय केन्द्र में बिक्री किया जायेगा, चरवाहों को भी 2 रुपये प्रति किलो के अनुसार राशि का भुगतान किया जायेगा। इसी प्रकार उस क्षेत्र के गौशालाओं तथा दूध डेयरी से गोबर प्राप्त होता है उसे भी गौठानों के क्रय केन्द्रों द्वारा क्रय किया जायेगा और 2 रुपये प्रति किलो की दर से भुगतान किया जायेगा।

कलेक्टर श्री सिंह ने सभी एसडीएम और जनपद सीईओ को निर्देशित किया कि सभी गौठान समितियों के खाते को-ऑपरेटिव बैंक में खोल लिये जाये और को-ऑपरेटिव बैंक की शाखा दूर होने की स्थिति में ग्राम पंचायत सचिव तथा सखी के माध्यम से राशि बैंको से मंगाकर वितरित की जायेगी। उन्होंने सभी गौठानों में 19 जुलाई तक तराजु-बांट सहित सभी आवश्यक व्यवस्थायें पूर्ण करने के निर्देश दिये। उन्होंने यह भी कहा कि गौठान के बाहर गोबर क्रय करने का समय प्रदर्शित जाये ताकि पशुपालकों को अनावश्यक परेशानी  न हो। कलेक्टर श्री सिंह ने कृषि विभाग और पशुपालन विभाग के अधिकारियों को गौठानों में गोबर क्रय किये जाने तथा उसे वर्मी कम्पोस्ट बनाने की प्रक्रिया के बारे में स्व-सहायता समूह के व्यक्तियों को प्रशिक्षित करने के भी निर्देश दिये। उन्होंने गौठान में आने वाले पशुपालकों से मर्यादित व्यवहार करने के निर्देश भी दिये।

कलेक्टर श्री सिंह ने सभी एसडीएम और जनपद सीईओ को गौठानों में 20 जुलाई 2020 को ‘हरेली पर्व’ तथा ‘गोधन न्याय योजना’ के कार्यक्रम आयोजन के दौरान कोरोना महामारी संक्रमण रोकने तथा इससे बचाव के लिये मॉस्क की अनिवार्यता और सोशल डिस्टेसिंग का पालन किये जाने के निर्देश दिये और उन्होंने ‘गोधन न्याय योजना’ के लिये राज्य शासन द्वारा जारी गाईड लाइन  का भी पालन करने के निर्देश दिये।  विडियो कान्फ्रेसिंग के दौरान सीईओ जिला पंचायत सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी, अपर कलेक्टर श्री आर.ए.कुरूवंशी सहित कृषि, पशुपालन एवं राजस्व विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

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