साल 2021 में भारत में बढ़ेगी सोने की मांग, डब्ल्यूजीसी रिपोर्ट ने बतायी वजह

साल 2020 में 35 प्रतिशत घटी सोने की मांग 46,795.00 रुपये पर आ चुके हैं सोने के रेट

हैदराबाद: साल 2021 में भारत (India) में कंज्यूमर सोने की मांग बढ़ने वाली है। कोरोना वायरस (Coronavirus) के कारण बने हालातों में भारत में सोने की मांग (Gold Demand) बीते साल यानी 2020 में 35 प्रतिशत से अधिक घटकर 446.4 टन रह गई। लेकिन स्थिति के सामान्य होने और साथ ही सतत सुधारों से उद्योग मजबूत हुआ है। ऐसे में डब्ल्यूजीसी ने इस साल 2021 में सोने की मांग बढ़ने की उम्मीद जताई है।

बीते साल कोरोना वायरस की वजह से लागू लॉकडाउन और बहुमूल्य धातुओं के दाम अपने सबसे उच्चे स्तर पर पहुंचने के बीच सोने की मांग में गिरावट आई। हालांकि, इसके साथ ही रिपोर्ट के मुताबिक अब स्थिति सामान्य हो रही है और साथ ती सतत सुधारों से उद्योग मजबूत हुआ है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (डब्ल्यूजीसी) की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय उपभोक्ताओं के बीच सोने की मांग 2021 में सुधार होने के आसार हैं।

आपको बता दें कि बुधवार को सोने के रेट में गिरावट देखने को मिली है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सुबह सोने में अप्रैल का फ्यूचर ट्रेड 7.00 रुपये की गिरावट के साथ 46,795.00 रुपये के स्तर पर कारोबार किया। इसके अलावा चांदी की कीमतों में उछाल देखने को मिला। चांदी (Silver Price Today) का मार्च का फ्यूचर ट्रेड 129.00 रुपये की तेजी के साथ 69,470.00 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था.

WGC की रिपोर्ट में जिक्र किया गया कि सोने पर आयात शुल्क को कम करने के अलावा, सरकार ने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) को घरेलू स्वर्ण हाजिर बाजारों के लिए नियामक (Regulators) के रूप में अधिकृत करने का भी प्रस्ताव दिया।

भारतीय सोने के बाजार को मिलेगी मदद

बजट में आय बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किए गए ग्रामीण क्षेत्रों के लिए कल्याणकारी योजनाओं की स्थापना का भी प्रस्ताव है, जो डब्ल्यूजीसी के मुताबिक अप्रत्यक्ष रूप से सोने के बाजार को पुनर्जीवित करने में मदद करेंगे।

WGC की रिपोर्ट कहती है कि, “हम मानते हैं कि भारत के सोने के बाजार को न केवल इन सुधारों से लाभ होगा, बल्कि बजट में घोषित विभिन्न ग्रामीण कल्याण योजनाओं से अप्रत्यक्ष रूप से लाभ होगा। अर्थव्यवस्था में पुनरुद्धार और इन सकारात्मक बजट घोषणाओं के साथ, भारतीय सोने की मांग 2021 में अपने 2020 के स्तर से उबरने के लिए तैयार है, “उन्होंने कहा।

सोने की तस्करी में कमी के आसार

रिपोर्ट में कहा गया है कि कम सीमा शुल्क से देश में हो रही सोने की तस्करी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। COVID-19 के कारण होने वाली लॉजिस्टिक व्यवधानों के कारण साल 2020 में अनौपचारिक आयात यानी सोने की स्मगलिंग 80 प्रतिशत तक घटकर 20-25 टन रह गयी, और चल रहे उड़ान प्रतिबंधों और कम सीमा शुल्क के साथ सोने की तस्करी 2021 में और अधिक प्रभावित हो सकती है।

इम्पोर्ट खर्च में कमी से बढ़ेगा निर्यात

रिपोर्ट में कहा गया है कि आयात लागत गिरने से देश में सोने की बिक्री में तेजी आएगी। इससे भारतीय बाजार में साल 2021 में सोने की मांग बढ़ेगी।

कम सीमा शुल्क (Custom Duty) और वसूली की मांग से अनधिकृत आयात की कीमत पर आधिकारिक आयात को ताकत मिल सकती है, हालांकि 14.07 प्रतिशत शुल्क ग्रे बाजार को आकर्षक बनाने के लिए जारी है।

इसके अलावा, डब्ल्यूजीसी के मुताबिक, हालिया बजट घोषणाओं के बाद भारत में स्वर्ण उद्योग ने सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

रिपोर्ट में कहा गया कि, “अफवाहें पहले से ही चल रही थीं कि सोने पर सीमा शुल्क कम होने के बजाय बढ़ सकता है। नतीजतन, कम आयात शुल्क को सोने की मांग को बढ़ावा देने और अनौपचारिक आयात के लिए एक हेडविंड के रूप में देखा जाता है।

Tags

cg dpr advertisement cg dpr advertisement cg dpr advertisement
cg dpr advertisement cg dpr advertisement cg dpr advertisement

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button