छत्तीसगढ़

गोल्डन ऑवर ऑफ इमरजेंसी कार्यशाला में अजीत जोगी ने बताये अपने अनुभव

रायपुर : किसी मरीज को अगर सही समय पर इलाज की सुविधा नही मिल पाए तो उसकी जान पर बन आती है. ऐसे में तबियत बिगड़ने पर उस मरीज और इलाज करने वाले डॉक्टर के लिये कुछ ही समय सबसे बड़ा महत्वपूर्ण होता है. इसी बात को लेकर श्री नारायण हॉस्पिटल की ओर से एक कार्यशाला का आयोजन किया गया. गोल्डन ऑवर ऑफ इमरजेंसी नाम से आयोजित इस कार्यशाला में देश के प्रसिद्ध डाक्टरों ने प्राथमिक उपचार को लेकर अपनी अपनी बात रखी. कार्यशाला में बताया गया की इमरजेंसी के दौरान किसी डाक्टर और मरीज के लिये गोल्डन ऑवर कितना महत्व रखता है. इस मौके पर विशेषज्ञ डाक्टरों ने मेडिकल सेवा में इमरजेंसी के महत्व को लेकर अपनी अपनी राय रखी. मेडिकल इमरजेंसी के महत्व को समझते हुए इस कार्यशाला में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी को विशेष वक्ता के रूप में बुलाया गया था. इस कार्यशाला में पहुंचे प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने भी मेडिकल इमरजेंसी के महत्व के बारे में अपने अनुभव साझा किये. जोगी ने बताया की साल 2004 में जब उनका एक्सीडेंट हुआ था तब उन्हें भी मेडिकल इमरजेंसी का लाभ मिला था. जोगी ने कहा की एक डाक्टर और मरीज दोनों के लिये गोल्डन ऑवर सबसे महत्वपूर्ण होता है. अजीत जोगी ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया की जब उनका एक्सीडेंट हुआ था उस दौरान उन्हें प्राथमिक चिकित्सा मिली थी जिसके चलते उन्हें घायल अवस्था में ज्यादा तकलीफ का सामना नही करना पड़ा.अजीत जोगी ने इस दौरान डाक्टरों का भी आभार जताया.

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