गोंड समाज बार राज्य का एकदिवसीय वार्षिक महाधिवेशन आयोजित

- मनराखन ठाकुर

पिथौरा: अखिल गोंडवाना गोंड समाज बार राज्य का एकदिवसीय वार्षिक महाधिवेशन खुड़मुडी़ सर्कल के आश्रित ग्राम नवाडीह भिंभौरी में हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया गया। इस वार्षिक महाधिवेशन सभा में गोंडी़धर्म-संस्कृति सम्बद्ध अनुठा नृत्यकलाओं का आभा बिखरा रहा। जिसका अनुकरणीय एवं जीवंत प्रस्तुति जयसिंघा-ध्रुवा करमा नृतक दल कामता सिमगा के संरक्षक बी.आर.पोर्ते ने अपनी कला-जत्था के साथ दिया। इसके पहले आगंतुक सभी मेहमानों का बाजे-गाजे के साथ सर्कल अध्यक्ष खुड़मुडी़ तिरूमाल गौरसिंह ओटी ने अपने सर्कल पदाधिकारियों समेत परघौनी कर अतिथि सत्कार किया।महाधिवेशन के शुभारंभ में मातृ एवं युवती शक्तियों की नगर में वाद्ययंत्रों के सुमधुरध्वनि ताल में भव्य कलश शोभायात्रा निकाली गई।

सभापति राज अध्यक्ष तिरूमाल देवेन्द्र कुमार पोर्ते व उपसभापति संरक्षक तिरूमाल मंगतू जगत ने समस्त मातृपितृ एवं युवा-युवतियों के साथ ईष्ट बुढा़देव जी के पूजा-आरती कर सभारंभ की।इस अवसर राज्य सहित सर्कल बार,सर्कल रायतुम व सर्कल खुड़मुडी़ के पदाधिकारीगण एवं महाधिवेशन में बतौर विशिष्ट अतिथि सपत्निक ममता राठौर के साथ से पहुंचे जिला न्यायालय महासमुंद अधिवक्ता भूपेन्द्र राठौर का ससम्मान मंचासीन कराकर पीला चावल का तिलक एवं सनारियल सल्ला-गांगरा व पेन स्मृति भेंटकर स्वागत-सत्कार किया गया।

विचारोद्बोधन की कडी़ में प्रबुद्धजनों एवं बुद्धिजीवियों ने सभा को कई विकासोन्मुखी विषयों से जोडा़।जिसमें गोंडवाना के ऐतिहासिक विरासतों से लेकर सामाजिक रीति-नीति,धर्म संस्कृति-भाषा, रूढि़-प्रथा-परंपरा,प्रकृतिवादी एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण, शिक्षा, स्वास्थ्य, वैदिक पद्धति, संविधानिक एवं कानूनगत विचार व रोजगार समेत विभिन्न विचारों को प्रकट किया गया।इस दौरान विशिष्ट अतिथि के आसंदी से जिला न्यायालय के अधिवक्ता भूपेन्द्र राठौर ने गोंडवाना की महारानी दुर्गावती की गौरवगाथा सुनाते हुए कहा कि रानी ने पूरी बहादुरी के साथ मुगलों से अपनी प्रजा की भलाई में संघर्ष किया।

जबलपुर मंडला की इस वीर महारानी को उन्होंने शतशत नमन किया।उन्होंने कानून की जानकारी में भारत के संविधान निर्माण पर भी चर्चा की।साथ ही साथ कानून की जानकारी देते हुए कहा कि आनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति समाज के लिए अत्याचार निवारण कानून की व्यवस्था है। जो गैरजमानती है।अगर इस समाज के किसी भी व्यक्ति पर अत्याचार होता है तो कानून का सहयोग ले सकता है। लेकिन यह समाज इतना सरल-सीधा समाज है।जो दुःख-पीडा़ को सहनकर लेता है। लेकिन केस या कोर्ट कचहरी के मामले कम होते हैं। उन्होंने भूराजस्व संहिता का जिक्र करते हुए बताया कि यदि अनुसूचित जनजाति की जमीन किसी गैर के धोखे से या छलपूर्वक अधिक कीमत की जमीन को कम कीमत में हड़प लेता है। तो ऐसे सभी धोखे या छल की जमीनें वापस हो जाती है।

उन्होंने यह भी समाज को आश्वासन दिया कि वे कोर्ट के मामले कागजात-लिखा पढी़ व्यय को छोड़कर इस समाज के व्यक्ति के लिए निशुल्क सेवा वे व उनके मित्र मंडली की ओर से मुहैया करायेंगे। इस दौरान उन्होंने कहाकि सभी की प्रार्थना अनतः बुढादेव को समर्पित होता है।वैदिक पद्धति को बताते हुए कहाकि इस समाज में झाड़फूक की सदियों से रही है। जिसे आज वैज्ञानिक भी मनाते हैं।

आज रायतुम में किसी स्थान पर प्रकृति चिकित्सा है। इससे कई बीमारी एक फूक मात्र से ठीक हो जाता है। हालांकि इसे अंधविश्वास कहा जाता है। लेकिन इसे आज भी माना जाता है। उन्होंने समाज को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि मुझे इस सम्मेलन में शामिल होने सौभाग्य मंगतू जगत से चर्चा के दौरान मिले आमंत्रण से प्राप्त हुआ। सभा को संबोधित करते हुए शरीर के पंच तत्व को लेकर कविता की पंक्तियों को अपने उद्बोधन विराम पूर्व रायतुम सर्कल अध्यक्ष तिरूमाल छबीलाल पोर्ते ने शिक्षा,रोजगार, सामाजिक रीति-रीवाज आदि अनेक विषयों को प्रकाशित किया।

इस क्रम में सर्कल अध्यक्ष बार तिरूमाल जोहिल सिंह जगत व सर्कल अध्यक्ष खुड़मुडी़ गौरसिंह ओंटी सहित मंचासीन पदाधिकारियों ने भी सभा में अपने विचार रखे। इस अवसर पर विगत वर्ष10वीं एवं 12वीं के चयनित मेधावी विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया। साथ ही साथ कला-जत्था दल कामता का भी सम्मान किया गया।महाधिवेशन सभा में वार्षिक आय-व्यय एवं निराकरण हेतु आवेदित आवेदनों पर भी विचार-मंथन कर निराकृत किया गया।

इस अवसर पर प्रमुख रूप से राज अध्यक्ष तिरूमाल देवेंद्र कुमार पोर्ते, संरक्षक मंगतू जगत, सचिव शिवप्रसाद जगत,शिक्षाप्रभारी जनकराम नेताम, सर्कल अध्यक्षगण जोहिल सिंह जगत,छबीलाल पोर्ते, गौरसिंह ओंटी,सचिवगण बलीराम नेताम बार, बिशाखा परेश्वर खुड़मुडी़, भागीरथी नेताम रायतुम, रायतुम सर्कल उपाध्यक्ष मेघनाथ नेताम, शिक्षाप्रभारी कुंवरसिंह मरई, बार सहसचिव संतोष कुमार मरावी,कोषाध्यक्ष राजकुमार जगत, संयोजक महेन्द्र कुमार जगत, सलाहकार रायतुम कृपाल सिंह पोर्ते,रायतुम संचालक रामसिंह मरकाम,पूर्व राजाध्यक्ष बृजलाल पोर्ते, बीआर पोर्ते,उपसंचालक बार द्वारिका मंडावी, राज महामंत्री भगवानी मरई,पुनिया पोर्ते, कलेशबाई नेताम, सुशीला बाई पोर्ते, कु.पुजा पोर्ते, द्रोपतबाई नेताम, बिन्दाबाई ओटी,

मंगलीबाई नेताम, मीनाबाई नेताम, पंचबाई नेताम, साधीनबाई जगत, अमृतबाई नेताम, मोहनबाई मरई,जोनबाई पोर्ते, नरबाई जगत,अमरिका बाई जगत, रमलाबाई जगत,लक्ष्मी नेताम, खुशी,छेदैय्या,हर्षिता, पुष्पा, हेमा नेताम, पियुष नेताम, मेघा नेताम,उदय नेताम,कांशी छेदैय्या, द्वारिका मंडावी, जीतू छेदैय्या, ठाकुर छेदैय्या, पुरषोत्तम मरकाम, कु.रीना जगत,द्रोपती मरकाम, परमिला मरकाम सहित बडी़ संख्या में गोंडवाना सामाजिक जन मौजूद रहे।मंच संचालन शिवप्रसाद जगत,जनकराम नेताम एवं संतोष मर ई ने किया।सभापति तिरूमाल पोर्ते ने सभा के प्रति आभार प्रदर्शन करते हुए महाधिवेशन सम्पन्नता की घोषणा की।

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