छत्तीसगढ़

गोंगपा पार्टी का घेराव आंदोलन नियत समय पर स्थगित होना, क्या रही वजह?

अरविन्द शर्मा

कटघोरा:-

सप्ताह भर पहले से गोंडवाना गणतंत्र पार्टी वन मंडल कटघोरा के प्रभारी वनमंडलाधिकारी डी डी संत को हटाए जाने को लेकर सैकड़ो की संख्या में घेराव के साथ धरने की तैयारी में जुटी थी। तैयारी काफी जोरो से चल रही थी।लेकिन एकाएक ऐसा क्या हुआ कि अचानक धरने वाले दिन पार्टी ने अपना धरना स्थगित कर दिया।योजनाबद्ध तरीके से चल रही धरने व रैली की तैयारी का अचानक स्थगित हो जाना कुछ हजम नही हो रहा है।

गोंगपा कुछ दिनों से वन मण्डल में पदस्थ प्रभारी डी डी संत को हटाने की फिराक में धरना के साथ मोर्चा खोला था। जिसमे कई अहम मुद्दों के साथ पार्टी अपना धरना व रैली की तैयारी जोरों से कर रही थी। पार्टी ने प्रभारी संत की जाति प्रमाण पत्र को भी फर्जी बताते हुए उच्च स्तरीय समिति सर जांच की मांग कर आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की बात कही थी।मांनगुरु में हजारों पेड़ो की कटाई को लेकर एस डी ओ पर कार्यवाही न कर उन्हें बचाने की कोशिश कर छोटे कर्मचारियों पर निलम्बन की कार्यवाही करना।इसी प्रकार बड़े बड़े मुद्दों को लेकर बारह बिंदुओं पर पार्टी ने वन मंडल की घेराव आंदोलन की तैयारी की गई थी।

मिली जानकारी के अनुसार गत दिनों पार्टी के पदाधिकारियों और वनमंडलाधिकारी की बैठक हुई और धरना आंदोलन स्थगित हो गया। लेकिन गोंगपा जिस जोश के साथ वनमंडलाधिकारी को पद से हटाने के साथ बड़े बड़े मुद्दों पर धरना आंदोलन करने की तैयारी में थी वो धरने वाले दिन धरना स्थगित कर वनमंडलाधिकारी की बातों में कैसे आ गई ये बात हजम नही हो रही।आखिर बैठक में चर्चा के दौरान ऐसी क्या बात हुई जो वनमंडलाधिकारी की बातों को मानकर इतनी बड़ी पार्टी आखिरकार धरने से पीछे हट गई।

आखिकार गोंगपा पार्टी का धरना आंदोलन की मंशा क्या थी ये तो समझ से परे है लेकिन इतना तो है कि बैठक में कुछ तो ऐसा हुआ है कि पार्टी ने धरना आंदोलन न कर स्थगित करना उचित समझा।

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