अच्छे दिन आये नही है उम्मीद है जल्द आएंगे : देवेन्द्र गुप्ता

रायपुर : हम आयकर सहित कई प्रकार के कर देते है। सरकार की जिम्मेदारी है कि हमारे पैसे का सदुपयोग हो। उस पैसे से देश का विकास हो…अन्नदाताओं और गरीबों की सेवा हो बहुत अच्छी बात होगी। इस पैसे से किसी दुखद स्थिति पर सरकार मुआवजे के पात्र परिवार के जीवनचर्या की चिंता करें, उस परिवार की रोजी-रोटी की व्यवस्था,बच्चों की शिक्षा, बेटी का ब्याह करें तो बेहद ख़ुशी होगी मगर उस परिवार को मुआवजे में करोड़ों रुपये देने की बात आएगी तो इसका मै व्यक्तिगत तौर पर विरोध करता हूँ। नेता अपने वोट बैंक के लिए कुछ भी मांग करते है। उनको तो सिर्फ अपनी राजनैतिक दुकानदारी चलानी है। आज ऐसे नेताओं को समझना होगा कि किसी की मौत को तमाशा बनाने से कुछ हासिल नही होने वाला है। विशेष तौर पर कांग्रेस नेताओं से कहना चाहता हूँ…आपकी पूर्ववर्ती सरकारों ने इस देश के गरीब और मध्यमवर्गीय को तकलीफ देने कोई कसर नही छोड़ी थी। आज देश को ऐसी बदतर हालात में छोड़ा है कि अब तक नही सम्हल सका हैं। तकलीफ आज भी है। क्योकि अभी अच्छे दिन आये नही है उम्मीद है जल्द आएंगे। आप कांग्रेसी एक बात जरूर ध्यान रखना…इस देश में ऐसे लोगों की संख्या बहुत ज्यादा है जो सिर्फ अपने परिवार के लिए जीते है..अगर सुनिश्चित हो जाए कि उसकी भी मौत के बाद सरकार करोड़ों रुपये देगी तो वह दुनियां छोड़ने में तनिक भी देर नही करेगा।
आज कांग्रेसी नेताओं में सत्ता की तेज भूख है दिखाई दे रही है। यह हर किसी को समझ आ रहा है। इसके लिए वह कुछ भी कर गुजरने को तैयार है। आज हद तब दिख रही है जब वे लाशों की पीठों पर पैर रखकर सत्ता तक पहुंचने की कोशिश कर रहे है। अरे साहब संवेदनशील बनिये…राजनीति के लिए मुद्दे और भी मिल जाएंगे आपको। जनता अगर सरकार से खफ़ा होगी तो सत्ता आपको उपहार में मिल जायेगी। सकारात्मक राजनीति का परिचय दीजिये। जनता विपक्ष से ऐसी ही उम्मीद करती है। मेरी यह टिप्पणी राजनैतिक नही है। एक आम जनता के नाते जो महसूस किया वो ही लिखा है।

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