BJP के लिए गुजरात में अच्छी ख़बर, बावलिया की लगातार छठवीं जीत

इस जीत से गदगद मुख्यमंत्री विजय रूपाणी जसदण में विजय रैली निकालेंगे.

मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद भारतीय जनता पार्टी बीजेपी के लिए गुजरात से अच्छी खबर आई है.

गुजरात के जसदण विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में बीजेपी प्रत्याशी और कैबिनेट मंत्री कुंवरजी बावलिया 19985 वोटों से जीत गए हैं. बावलिया की लगातार छठवीं जीत है.

इसके पहले बावलिया कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ते और जीतते आए थे, लेकिन बीते दिनों वह कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए थे. इस जीत से गदगद मुख्यमंत्री विजय रूपाणी जसदण में विजय रैली निकालेंगे.

बता दें, एक बार सांसद और पांच बार विधायक रहे कुंवरजी बावलिया के बीजेपी में आने के दो घंटे में ही मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया था.

पार्टी बदलने के बाद बावलिया ने जुलाई में विधानसभा से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद हुए उपचुनाव में बावलिया ने कांग्रेस के अवसर नाकिया को करीब 20 हजार वोटों से करारी शिकस्त दी.

कुंवरजी बावलिया को 90263 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के अवसर नाकिया को- 70283 वोट मिले. बावलिया की जीत के साथ ही गुजरात विधानसभा में बीजेपी 100 के आंकड़े पर पहुंच गई है. 2017 में विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी को 99 सीट मिली थी.

कांग्रेस पर लगाया था खराब बर्ताव का आरोप

कांग्रेस को छोड़ते वक्त कुंवरजी बावलिया ने कहा था कि जसदण की सीट पर मैं 5 बार विधायक रहा और एक बार सांसद रहा, फिर भी कांग्रेस ने मेरे साथ खराब बर्ताव किया, अन्याय किया.

वरिष्ठ नेता होने पर भी मुझे बहुत परेशान किया. ऐसे बर्ताव पर मैंने कांग्रेस पार्टी छोड़ी और बीजेपी ने मुझे सम्मान दिया और जिम्मेदारी भी दी. काम करना मेरा मकसद है.

कांग्रेस ने ऑटो चलाने वाले को दिया टिकट

कांग्रेस के लिए यह सीट प्रतिष्ठा का विषय बन गई थी. पार्टी ने कुंवरजी के ही राजनीतिक शिष्य और जसदण में ऑटो चलाने वाले अवसर नाकिया को टिकट दिया था. इस सीट पर जीत के लिए पार्टी ने नवजोत सिंह सिद्धू समेत कई स्टार प्रचारकों को मैदान में उतारा था.

बीजेपी ने कांग्रेस के पारंपरिक वोटबैंक में कर दी सेंधमारी

कांग्रेस को उम्मीद थी कि 35 फीसदी कोली आबादी वाली इस सीट पर बावलिया के पार्टी छोड़ने के बावजूद कोली समुदाय उसका समर्थन करता रहेगा.

यह कांग्रेस का पारंपरिक वोट बैंक रहा है, लेकिन अब नतीजों के सामने आने के बाद लग रहा है कि बीजेपी ने कांग्रेस के इस पारंपरिक वोट बैंक में सेंधमारी कर दी है.

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