छत्तीसगढ़

खेती-किसानी की बेहतरी के लिए अच्छे कदम उठा रही सरकार

राजनांदगांव : प्रदेश सरकार खेती किसानी को बढ़ावा देने अच्छे कार्य कर रही है। इस बार मानसून की बेरूखी से किसान बड़े निराश थे, मुख्यमंत्री ने बोनस की घोषणा कर किसानों की बड़ी चिंता दूर कर दी। यह बात मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की मासिक वार्ता रमन के गोठ के प्रसारण के पश्चात् इसका श्रवण कर रहे किसानों ने कही। उन्होंने कहा कि आज भी वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने किसानों को अपना संदेश दिया। यह सुनकर बहुत अच्छा लगा। हम किसान भाई भी शासन की योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी आर्थिक स्थिति बेहतर कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कृषि के साथ ही पशुपालन, मत्स्य पालन जैसे व्यवसायों को भी बढ़ावा देने कह रहे हैं। इसके चलते निश्चित ही हमारी आय बढ़ेगी।

मुख्यमंत्री ने आज अपने संबोधन में कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहकों के बच्चों को मेडिकल, इंजीनियरिंग, आईटीआई और पालीटेक्निक में पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति भी दी जा रही है। प्रदेश के संरक्षित वन क्षेत्रों में रहने वाले लगभग 25 हजार आदिवासी परिवारों को तेन्दूपत्ता तोडऩे में जो दिक्कत होती है, उसे ध्यान में रखकर उन्हें हर साल दो हजार रूपए कैम्पा निधि से दिए जा रहे हैं। इसी तरह उन्होंने वनवासियों को साल बीज, हर्रा, कुसुमी, लाख, रंगीनी लाख, चिरौंजी, इमली और महुआ गुठली के संग्रहण के लिए भी न्यूनतम समर्थन मूल्य देने की योजना का उल्लेख किया। इसी क्रम में उन्होंने किसानों के अतिरिक्त आय के लिए उद्यानिकी फसलों, डेयरी, पशुपालन और मछली पालन कार्य को भी रेखांकित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य गठन के समय छत्तीसगढ़ में एक हजार ट्रैक्टर खरीदे जाते थे, लेकिन अब वर्ष 2009-10 के बाद आज की स्थिति में हमारे किसान हर साल 10 हजार से ज्यादा ट्रैक्टर खरीद रहे हैं। आज छत्तीसगढ़ में किसानों के पास डेढ़ लाख से ज्यादा ट्रेक्टर हैं, जो उनकी बढ़ती हुई क्षमता और खेती के क्षेत्र में हो रही खेती का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने अपनी मासिक रेडियो वार्ता रमन के गोठ में कहा कि बोनस केवल धान के लिए नहीं है, बोनस तेन्दूपत्ता संग्राहकों को भी दिया जा रहा है। जो किसानों की अर्थव्यवस्था में वृद्धि के लिए सार्थक पहल है। मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि खरीफ विपणन वर्ष 2017-18 में उपार्जन केन्द्रों में धान बेचने वाले किसानों को प्रति क्विंटल के बढ़े हुए समर्थन मूल्य और 300 रूपए बोनस मिलाकर मोटा धान 1 हजार 850 रूपये और पतला धान 1 हजार 890 रूपये प्रति क्विंटल की दर से मिलेंगे। इससे गांव और किसान आर्थिक रूप से मजबूत और संपन्न होंगे और छत्तीसगढ के विकास को नई दिशा एवं गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 96 तहसीलों को सूखा ग्रस्त घोषित किया है, जहां किसानों को राहत देने के उपाय भी शुरू किए गए हैं। नगर निगम राजनांदगांव के सभाकक्ष में आज महापौर श्री मधुसूदन यादव, नगर निगम के सभापति श्री शिव वर्मा, आयुक्त नगर निगम श्री अश्वनी देवांगन, एमआईसी मेम्बर श्री देवशरण सेन, श्री पारस वर्मा, श्री मुकेश धु्रव सहित श्री सुनील साहू, शैल यादव, सुनीता साहू, श्री देवेश देवांगन, श्री गप्पू सोनकर, श्री विजय राय, श्री संजय लडवन, श्री तोरण देवांगन तथा बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, अधिकारी-कर्मचारियों एवं गणमान्य नागरिकों ने रमन के गोठ कार्यक्रम को सुनकर सराहना की।

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