सरकार पेश कर रही दलीले, वक्त लगेगा नई शिक्षा नीति लागू करने में

देश की नई शिक्षा नीति का ड्राफ्ट तैयार हो रहा है। नई शिक्षा नीति पर रिपोर्ट अब 15 दिसंबर तक आने की संभावना है।

नई दिल्ली।

सरकार ने फिलहाल इसे लेकर इसरो के पूर्व अध्यक्ष के.कस्तूरीरंगन की अगुआई में काम कर रही कमेटी के कार्यकाल को 15 दिसंबर तक के लिए बढ़ा दिया है। यह चौथा विस्तार है। नई नीति 2020 से 2040 तक 20 साल के लिए देश में शिक्षा क्षेत्र का मार्गदर्शन करेगी।

माना जा रहा है कि कमेटी का यह अंतिम विस्तार होगा। इसके बाद वह अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप देगी। नई शिक्षा नीति को लेकर सरकार ने जून 2017 में इस कमेटी का गठन किया था।

सरकार का तर्क है, कि यह नीति देश के अगले 20 सालों की शिक्षा का रोडमैप होगी, ऐसे में इसके सभी पहलुओं को पूरी तरह से ठोक-बजाकर वह सामने लाना चाहती है। गौरतलब है कि सरकार की ओर से यह नीति वर्ष 2020 से देश भर में लागू होगी।

गौरतलब है कि केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने शिक्षक दिवस के मौके पर बताया था कि विज्ञान, तकनीक, सूचना संचार में हुए बदलाव और भविष्य में समाज की जरूरतों को ध्यान में रखकर सरकार नई शिक्षा नीति तैयार कर रही है। शिक्षा हर घर-परिवार से जुड़ा मामला है।

जाने क्या है नई शिक्षा नीति:-

देशभर में 15 लाख क्लासें होंगी डिजिटाइज

इस नयी शिक्षा नीति के माध्यम से नौंवी से पीजी तक मैथ्स, साइंस, फिजिक्स, कैमिस्ट्री, अंग्रेजी सहित तमाम विषय रोचक ढंग से पढ़ाने के लिए देश भर के 15 लाख क्लास को डिजिटल किया जायेगा| इसके आधार पर साल के अंत तक आपरेशन डिजिटल बोर्ड लांच होगा। इसके तहत देशभर में 15 लाख कक्षा डिजिटाइज की जाएंगी।

बीए, बीकॉम, बीएससी के प्रोफेशनल कोर्स शुरू होंगे

बीए, बीकॉम, बीएससी के बाद युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है। ऐसे में इन्हें प्रोफेशन कोर्स के नाम से शुरू किया जाएगा। इसके तहत कोर्स तो तीन साल का ही होगा लेकिन इसमें एक हजार घंटे का कंटेंट बढ़ जाएगा। इसमें 250 घंटे आईसीटी का कंटेंट होगा। 250 घंटे सॉफ्ट स्किल्स (परwसनेल्टी डिवैलपमेंट और कम्युनिकेशन इत्यादि) के लिए होंगे। 500 घंटे में एक या दो स्किल की ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि कोर्स पूरा करते ही वे नौकरी योग्य बन जाएंगे।

Back to top button