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सीधे-सीधे कृषि विरोधी कानून रद्द करे सरकार : राहुल

इससे पहले भी किसान आंदोलन को लेकर राहुल ने सरकार को निशाने पर लिया था।

नई दिल्ली। केंद्र के तीन नये कृषि कानूनों को रद्द करने तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को कानूनी जामा पहनाए जाने की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन जारी है। इस बीच कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने आज कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार किसानों को दिये जा रहे आश्वासनों के नाम पर रोज नये जुमले और जुल्म का सिलसिला बंद करे। राहुल ने मांग की है कि सीधे-सीधे कृषि विरोधी कानून को रद्द किया जाए। राहुल गांधी ने गुरुवार को ट्वीट कर सरकार को मुद्दों को घुमाने के बजाय किसानों की मांगों पर सहमति बनाने की बात कही है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘रोज़ नए जुमले और ज़ुल्म बंद करो, सीधे-सीधे कृषि-विरोधी क़ानून रद्द करो!’

इससे पहले भी किसान आंदोलन को लेकर राहुल ने सरकार को निशाने पर लिया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सिर्फ़ अपने पत्रकार और पूंजीपति मित्रों के लिए काम कर रहे हैं। आज यह सच्चाई सबके सामने है। किसान आंदोलन को उन्होंने सत्याग्रह की संज्ञा देते हुए कहा था कि यह सिर्फ किसानों के लिए ही नहीं बल्कि पूरे समाज के लिए है। इन तीन कृषि-विरोधी क़ानूनों का असर मध्यम वर्ग पर भी पड़ेगा, जब एपीएमसी नष्ट हो जाएंगे और अनाज के दाम आसमान छुएंगे।

उल्लेखनीय है कि कृषि कानूनों के खिलाफ 57 से ज्यादा दिनों से किसान दिल्ली बॉर्डर पर डटे हुए हैं। प्रदर्शनकारी किसान कृषि कानूनों को रद्द करने तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को कानूनी जामा पहनाने की मांग पर अड़े हैं, जबकि सरकार ने संशोधन आश्वासन देने और कानून को अमल में लाने से डेढ़ साल तक स्थगित रखने का प्रस्ताव दिया है। ऐसे में दस दौर की वार्ता के बाद कल शुक्रवार को दोपहर 12 बजे सरकार और किसान संगठनों के बीच दिल्ली के विज्ञान भवन में बातचीत होनी है।

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