पथ विक्रेताओं को हटाने सरकार मारक हथियार का उपयोग करती है : वीरेंद्र पांडेय

रायपुर : फुटकर , ठेले और फेरीवालों के लिए पथ विक्रेता कानून 2014 बनाया गया है लेकिन इस कानून का सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा है.

इसी कानून के बारे में विचार विमर्श करने और पथ विक्रेताओं की समस्याओं को सरकार तक पहुचाने के उदेश्य से फुटपाथ फुटकर विक्रेता संघ और वेंडर फेडरेशन की ओर से साझा विमर्श कार्यक्रम का आयोजन किया गया.

आशीर्वाद भवन बैरन बाजार में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश के कई राजनीतिक दलों के नेता भी शामिल हुए. इस मौके पर पथ विक्रेता कानून 2014 को लेकर चर्चा की गई. इस चर्चा में बताया गया कि कानून बनने के बाद भी सहीं तरीके से इसका पालन नहीं किया जा रहा है.

सामाजिक कार्यकर्ता वीरेंद्र पाण्डेय ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने वेंडरों को पंजीयन कराकर उनको जगह देने के लिए सरकार को कानून बनाने के आदेश दिए थे जिसका पालन करते हुए सरकार ने कानून बनाया लेकिन सही तरीके से उसका पालन नहीं किया जा रहा है.
वीरेंद्र पाण्डेय की माने तो राजधानी रायपुर में ही पथ विक्रेताओं को बिना व्यवस्थापन के हटा दिया जाता है जिसके चलते उनके सामने रोजी रोटी की समस्या आ जाती है.

पाण्डेय ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार के पास तो हथियार होता है पहला तारक और दूसरा मारक लेकिन सरकार मारक को इस्तेमाल कर पथ विक्रेताओं को हटाने में लगी है. उनका कहना है कि गरीब लोग जो रोज कमाकर खाते हुए उन्हें व्यवस्थित कर हटाया जाना चाहिए.</>

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