सरकार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम डिजिटल इंडिया के 6 वर्ष पूरे

प्रधानमंत्री ने कहा–डिजिटल इंडिया आत्मनिर्भर भारत की साधना और 21वीं सदी में मज़बूत भारत का नारा

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के छह साल में देश ने प्रौद्योगिकी को अपनाने में तेजी से प्रगति की है। श्री मोदी ने कहा कि डिजिटल इंडिया ने लोगों का जीवन बदल दिया है। डिजिटल इंडिया के छह साल पूरे होने के अवसर पर एक समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि डिजिटल इंडिया की मदद से न्यूनतम सरकार और अधिकतम शासन का सपना पूरा होगा।

मोदी ने कहा कि डिजिटल इंडिया, आत्मानिर्भर भारत की एक साधना और 21वीं सदी में भारत को मजबूत बनाने का नारा बन गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि डिजी लॉकर इस बात का अच्छा उदाहरण साबि‍त हुआ है कि डिजिटल इंडिया कितना प्रभावी रहा।

अब डिजिलॉकर में स्कूल और कॉलेज के दस्तावेज, आधार, पैन और वोटर आईडी कार्ड समेत सभी जरूरी दस्तावेज आसानी से और सुरक्षित तरीके से रखे जा सकेंगे।

मोदी ने कहा कि डिजिटल इंडिया ने देश के विभिन्न हिस्सों में स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ऑनलाइन शिक्षा से लेकर चिकित्सा तक के लिए विकसित प्लेटफॉर्म करोड़ों भारतीयों को लाभान्वित कर रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि ड्राइविंग लाइसेंस, जन्म प्रमाण पत्र, बिजली और पानी के बिल का भुगतान, आयकर रिटर्न दाखिल करना और अन्य काम अब बहुत आसान हो गए हैं।

कोविड के दौरान डिजिटल इंडिया के लाभों का उल्‍लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि दूरदराज के लोगों को विशेष रूप से महामारी के दौरान ई-संजीवनी का लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया और कोविन, टीकाकरण के दौरान देश की मदद कर रहे हैं।

डिजिटल इंडिया मिशन ने बुनियादी ढांचे के विकास की गति पर अधिक ध्यान दिया है। प्रधानमंत्री ने कहा क‍ि गांवों में लगभग ढाई लाख कॉमन सर्विस सेंटर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया की मदद से एक देश, एक राशन कार्ड’ की अवधारणा को लागू किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए डिजिटल इंडिया की विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों से भी बातचीत की। प्रधानमंत्री के साथ बातचीत करते हुए उत्तर प्रदेश की सुहानी साहू ने दीक्षा योजना के लाभों को साझा किया।

महाराष्ट्र के प्रह्लाद बोर्गदाद बिंगोली ने बताया कि कैसे ई-नैम किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य दिलाने में मदद कर रहा है। उन्होंने कहा कि कोविड के दौरान भी किसानों को अपनी उपज बेचने में कोई परेशानी नहीं हुई।

बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के शुभम कुमार और उनकी दादी कांति देवी ने कहा कि उन्हें ई-संजीवनी से बहुत लाभ हुआ है क्योंकि वे डॉक्टरों के साथ परामर्श करने और उनकी सलाह लेने में सक्षम हुए हैं।

ई-संजीवनी के माध्यम से लोगों की सेवा करने वाले डॉक्टरों में से एक भूपेंद्र सिंह ने कहा कि वह कोविड के जोखिम से बचते हुए मरीजों की सेवा करके खुश हैं।

हिमाचल प्रदेश के धरमपुर के एक किसान मेहर दत्त शर्मा ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान ग्रामीण ई-स्टोर ने बहुत मदद की है जब लोगों को आवश्यक वस्तुओं को खरीदने में परेशानी हो रही थी।

वाराणसी की अनुपमा दुबे ने कहा कि डिजिबुनाई के माध्यम से वह पारंपरिक कला के साथ प्रौद्योगिकी को अपनाकर आत्म निर्भर बन गई हैं।

उज्जैन की एक फुटकर विक्रेता नाजमीन शाह ने कोविड के दौरान अपना खुद का व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रधानमंत्री स्‍व:निधि योजना के फायदों का उल्‍लेख किया।

डिजिटल इंडिया कार्यक्रम जुलाई 2015 में शुरू किया गया था और यह नये भारत की सबसे बड़ी सफलता बन गया है। इस कार्यक्रम से सेवाएं सुगम हुई, सरकार और नागरिकों के बीच दूरी कम हुई और लोग सशक्त हुए है।

Tags

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button