शास.दू. ब. महिला महाविद्यालय में जनजातीय संस्कृति एवं पर्यटन की संभावनाएं विषय पर व्याख्यान आयोजित

छत्तीसगढ़ बस्तर: शास.दू. ब. महिला महाविद्यालय में समाजशास्त्र और भूगोल विभाग द्वारा जनजातीय संस्कृति एवं पर्यटन की संभावनाएं (छत्तीसगढ़ बस्तर के विशेष संदर्भ में) विषय पर व्याख्यान आयोजित किया गया ।मुख्य वक्ता के रूप में पुरातत्व एवं संस्कृति के अध्येता श्री राहुल कुमार सिंह, ने अपने वक्तव्य में बस्तर की विरासत ,समृद्ध संस्कृति ,उसका विस्तार और उसका भौगोलिक विवरण विस्तार पूर्वक दिया । उन्होंने बस्तर के ऐतिहासिक और जनजातीय आंदोलन को पर्यटन से जोड़कर उस पर वैश्विक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया ।उन्होंने जनजातीय आंदोलनों के कारण और उनके प्रभाव को भी अच्छी तरह छात्राओं को समझाया ।छत्तीसगढ़ को उन्होंने तीन हिस्सों में बांटकर बताने का प्रयास किया ,उत्तर छत्तीसगढ़ को कोयले के कारण काला,दक्षिण छत्तीसगढ़ को लौह अयस्क के कारण लाल ,एवं मध्य छत्तीसगढ़ को सफेद रूप में जाना जाता है ।

छत्तीसगढ़ के प्रमुख साहित्यकारों गुलशेर खां शानी,मेहरुन्निसा परवेज , धनंजय वर्मा ,कांतिकुमार जैन ,लाला जगदलपुरी ,हरिहर वैष्णव ,लक्ष्मीनारायण पयोधि आदि को उन्होंने जनजातीय संस्कृति के अध्येता के रूप में वर्णित किया ।

उन्होंने बताया कि जनजातीय संस्कृति पर जिन महत्वपूर्ण विचारकों ने काम किया वे हैं ग्रिगसन, वेरियर एल्विन, डॉम मॉरिस,एडवर्ड जे जे आदि।
बस्तर के जनजातीय क्षेत्र को जब हम पर्यटन की दृष्टि से देखते हैं तो उसमें संवेदनात्मक स्तर पर देखने का प्रयास हम नहीं करते न ही स्वयं का अवलोकन जोड़ते हैं ,जबकि हमारा अपना दृष्टिकोण ही महत्वपूर्ण है ।देश के विभिन्न हिस्सों से लोग वहां पर्यटन के लिए जाते हैं ,वासुदेवशरण अग्रवाल ने ये बता कही है कि इतिहास भूतपूर्व का अध्ययन नहीं है अपितु ऐतिहासिक घटनाओं को वर्तमान से जोड़ने का माध्यम है ।जनजातीय समुदाय को करीब से देखने और जानने की आवश्यकता इसलिए हैं क्योंकि आज नगरीय जीवन में जो जटिलताएं हैं वो कहीं न कहीं हमें अपने आपको समझने में दिक्कत पैदा करती हैं जबकि जनजातीय समाज के पास जाकर हम राहत महसूस करते हैं क्योंकि उनका समाज बहुत सरल है ।

राहुल कुमार सिंह का परिचय कार्यक्रम की संयोजक डॉ प्रीति शर्मा ने दिया ।कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ श्रद्धा गिरोलकर ने की ।संचालन डॉ मनीषा महापात्र द्वारा किया गया,धन्यवाद ज्ञापन भूगोल विभाग की प्राध्यापक डॉ कल्पना लांबे ने किया ।इस अवसर पर सभी प्राध्यापक व छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे ।इस अवसर पर छात्राओं को वस्त्र वितरण का कार्य भी किया गया ।

Tags

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button