पोता-पोती और दादा-दादी का रिश्ता भी होता हैं बेहद खास

हर सुख-दुख में जब परिवार साथ हो तो हौसले पहले से भी ज्यादा बढ़ जाते हैं।

हर रिश्ते की अहमियत बच्चे को तभी पता चलती है जब दादी-दादी, मां-बाप सभी इकट्ठे रहे। कई बार लाइफ में उतार-चढ़ाव आए तो घर के बड़े ही बेटे-बहू की मुश्किलों को आसानी से सुझाव दे सकते हैं। वहीं, पोता-पोती के सबसे करीब होते हैं दादा-दादी। घर के बच्चों के लिए दादा-दादी का रिश्ता बहुत अहमियत रखता है।

सही सलाह देते हैं दादा-दादी

बच्चों को आगे बढ़ने की प्रेरणा दादा-दादी से भी मिलती है। उन्हें जितना ज्यादा खुशी अपने बच्चों की तरक्की देखकर होती है, उतनी ही ज्यादा तसल्ली उन्हें पोता-पोती के आगे बढने से भी मिलती है। यह रिश्ता भावनाओं के साथ पूरी तरह से जुड़ा होता है। बच्चे भी उनके साथ समय बिताकर बहुत अच्छा महसूस करते हैं। उनसे बच्चे भी हैल्दी लाइफ जीन सीख जाते हैं।

दादा-दादी की बात जल्दी मानते हैं बच्चे

अपने पोता-पोती से दादा-दादी खूब लाड-प्यार करते हैं। बिना दवाब के उन्हें बच्चों से हर बात मनवाना आता है। वहीं, बच्चे भी बड़ी आसानी से उन्हें समझ लेेते हैं।

पेरेंट्स का रिश्ता मजबूत

कई बार पति-पत्नी में कुछ बातों को लेकर अनबन हो जाए तो बच्चों के साथ मिलकर उनके दादी-दादी ही बीच का रास्ता अपनाते हैं। मुश्किल समय में रिश्ते में आई दरार को भरने की सलाह दादा-दादी ही देते हैं। इन्हीं बातों से रिश्ते दिनों-दिन गहरे होते जाते हैं।

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