छत्तीसगढ़

सरकारी अस्पतालों में कन्या जन्म पर माता-पिता को ग्रीटिंग कार्ड

रायपुर : रायगढ़ छत्तीसगढ़ का ऐसा जिला है जहां सरकारी अस्पतालों में कन्याओं का जन्म होने पर उनके माता-पिता को ग्रीटिंग कार्ड देकर अभिनंदन किया जाता है। ये बातें गुरुवार को छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव विवेक ढांड ने कही। वे बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के राज्य स्तरीय कार्यदल की बैठक को संबोधित कर रहे थे।
ढांड ने कहा कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना आधिकारिक रूप से वर्तमान में केवल रायगढ़ जिले में चल रही है, लेकिन हमें पूरे प्रदेश के 660 पंजीकृत सोनोग्राफी सेंटरों पर कड़ी नजर रखने की जरूरत है।

रायगढ़ जिले के सरकारी अस्पतालों, प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में महिलाओं के संस्थागत प्रसव की संख्या 92 प्रतिशत से बढ़कर 97 प्रतिशत हो गई है। गर्भवती माताओं का पंजीयन करते हुए संस्थागत प्रसव को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रायगढ़ जिले को इस योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला है।
अधिकारियों ने बैठक में कहा कि पूरे देश में न्यूनतम शिशु लिंग अनुपात के आधार पर जिन 100 जिलों का चयन किया गया था, उनमें छत्तीसगढ़ का रायगढ़ भी शामिल है। बच्चों के जन्म के समय लिंग आधारित भेद-भाव को समाप्त करने के लिए जन-जागरण इस योजना का मुख्य उद्देश्य है।

क्या कहते हैं विभागीय आंकड़े : मुख्य सचिव ढांड ने बैठक में कलेक्टर रायगढ़ शम्मी आबिदी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस योजना की प्रगति की जानकारी ली। कलेक्टर ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जानकारी दी कि रायगढ़ जिले में वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार प्रति एकहजार बालकों पर बालिकाओं की संख्या 947 थी, लेकिन बीच में वर्ष 2014-15 में यह घटकर 918 रह गई थी। इस बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 25 जनवरी 2015 को हरियाणा के पानीपत मे शुरू की गई बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना ने छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले को शामिल किए जाने के बाद प्रदेश सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कई कदम उठाए गए। इसके फलस्वरूप वर्ष 2015-16 में प्रति एक हजार बालकों पर बालिकाओं की संख्या बढ़कर 928 और पिछले वर्ष 2016-17 में 936 हो गई। इसी तरह रायगढ़ जिले में शिशु मृत्यु दर वर्ष 2011 के 65 की तुलना में वर्ष 2016-17 में घटकर 48 और मातृ मृत्युदर वर्ष 2011 के 293 की तुलना में घटकर 180 रह गई है।

बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद : बैठक में प्रमुख सचिव वित्त अमिताभ जैन, महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव डॉ. एम गीता, गृह विभाग के सचिव अरूण देव गौतम, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव विकास शील, समाज कल्याण विभाग के सचिव सोनमणि बोरा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव पीसी मिश्रा, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अनिल साहू, और योजना एवं आर्थिक सांख्यिकी विभाग के सचिव आशीष भट्ट, विशेष सचिव नगरीय प्रशासन डॉ. रोहित यादव, विशेष सचिव आदिम जाति विकास रीना बाबा साहेब कंगाले सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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