गरियाबंद : कार्यक्रम में भीड़ जुटाने सरकारी फरमान

गरियाबंद : पंचायतों को सशक्त बनाने जहां सरकार कई जतन कर रही है, वहीं दूसरी ओर अधिकारी पंचायत प्रतिनिधियों के साथ असम्मान जनक व्यवहार किया जा रहा है। ताजा मामला छुरा जनपद पंचायत का है। यहां के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने रामकथा सुनने के लिए पंचायतों को फरमान जारी किया हैं।

गरियाबंद : पंचायतों को सशक्त बनाने जहां सरकार कई जतन कर रही है, वहीं दूसरी ओर अधिकारी पंचायत प्रतिनिधियों के साथ असम्मान जनक व्यवहार किया जा रहा है। ताजा मामला छुरा जनपद पंचायत का है। यहां के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने रामकथा सुनने के लिए पंचायतों को फरमान जारी किया हैं।

Government Letterइन दिनों सामाजिक चेतना मंच,सबला जनकल्याण समिति, तृप्ति समाज सेवी संस्था, मानव मित्र समिति और ग्रामीण विकास संस्था की ओर से राजिम में राम कथा मर्म कार्यक्रम किया जा रहा है। इसमें जिला पंचायत अध्यक्ष श्वेता शर्मा विशेष सहयोग दे रही है। इसके चलते जनपद पंचायत छुरा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी राम कथा में भीड़ जुटाने लगे हुए है। इसके चलते रामकथा का कार्यक्रम धार्मिक ना होकर राजनीतिक स्वरूप ले लिया है।

पंचायतों को राम कथा सुनने के लिए जनपद पंचायत छुरा ने टारगेट दिया है। इससे मामला और गरमा गया है ।

बरहाल इस यह बात की अब तक अधिकारी रूप से पुष्टि नहीं हुई है कि किस जनप्रतिनिधि के कहने पर पंचायतों को भीड़ जुटाने का आदेश जारी किया गया है। छुरा जनपद पंचायत के सीईओ एमएल यादव की ओर से जारी आदेश में राजिम में राम कथा सुनने श्रद्धालुओं को वाहन से लाने लेजाने की व्यवस्था ग्राम पंचायत के सचिवों को करने संबंधित आदेश दिया गया है।

इसमें साफ-साफ लिखा गया है कि श्रीराम कथा मर्म 24, 25 और 26 फरवरी को मेला मैदान राजिम में किया गया है। 26 फरवरी को अपने-अपने पंचायत से पंचायत प्रतिनिधियों और ग्राम के लोगों को लाने ले जाने कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। छुरा जनपद पंचायत के 35 पंचायतों का उल्लेख इस आदेश में है साथ ही संबंधित वाहन प्रभारी सचिवों का नाम मोबाइल नंबर दिया गया है इसकी एक प्रति कलेक्टर गरियाबंद को भी प्रेषित की गई है।</>

राजिम में हो रहा श्री राम कथा कार्यक्रम निजी है। इस तरह के कार्यक्रम में भीड़ बढ़ाने के लिए पंचायतों को सरकारी आदेश सीईओ छुरा की ओर से जारी किया गया है वह गलत है।

–बाबूलाल साहू, जिलाध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी गरियाबंद

Back to top button