गरियाबंद/छुरा:चौदह बरस से करोड़ों का व्यावसायिक परिसर खण्डहर में तब्दील

हितेश दीक्षित

गरियाबंद/छुरा।

आरक्षण और शासकीय धरोहर राशि बना अंडगा। छुरा। गरियाबंद जिले के छुरा नगर में चौदह साल से करोड़ों रुपये की लागत से अटल ब्यवसायिक पर बनकर खड़ा है आज नगर में सैकड़ों की संख्या में शिक्षित बेरोजगार बैठे हुए हैं जो ब्यवसाय के लिए परिसर के इंतजार में हैं।

नगर पंचायत के नगरपालिका के नियम कानून के चलते ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के पहुच से दूर है साथ ही धरोहर राशि तीन लाख रुपये जमा करना गरीब बेरोजगार युवाओं की बस की बात नहीं है जिसके चलते अटल ब्यवसायिक परिसर मकबरे की तरह है, जो आज अपनी चौदहवीं बरसी मना रहा है।

इसी तरह स्वर्ण जयंती चौक में ब्यवसायिक काम्पलेक्स के दस दुकान बना पडा है सात साल से जो बंद पड़ा है शटर भी खराब हो चुका है जिसका देखरेख नहीं होने के कारण साथ जिन वर्गो के लिए आरक्षित हैं उन लोगों के बेरोजगार युवाओं के पास नगर पंचायत के दुकान किराये में लेने के लिए धरोहर राशि जमा करने की हैसियत नहीं है।

आज बीस दुकान पूरी तरह से खाली है जिसके कारण नगर पंचायत को प्रति माह हजारों रुपए का नुकसान हो रहा है। नगरीय निकायों के नियम कानून में संशोधन नहीं किया गया तो नगरी प्रशासन को नुकसान ही होगा। आज छुरा ही नहीं पूरे गरियाबंद जिले के फिगेश्वर, गरियाबंद में ब्यवसायिक परिसर खण्डहर में तब्दील हो रहा है।

मुख्यनगरपालिका अधिकारी रत्नेश सिंह :नगरपालिका नियम कानून से बंधे हुए हैं। धरोहर राशि अधिक होने के साथ जिन वर्गो के लिए आरक्षण है उन लोगों द्वारा रुचि नहीं लिया जाता है जिसके कारण खाली पड़ा है पूरा परिसर। नगर पंचायत को नुकसान हो रहा है।

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