GST काउंसिल ने PM के सुरक्षा कवच को छूट देने से किया इंकार

नई दिल्ली: जीएसटी में छूट का दायरा बढ़ाने की मांग करने वालों को शायद यह नहीं मालूम होगा कि पीएम नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में तैनात रहने वाली स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) के लिए सुरक्षा सामान के आयात पर जीएसटी से छूट नहीं दी गईं है। जीएसटी काउंसिल की फिटमेंट कमिटी ने एसपीजी के लिए आयात होने वाले सामान को आईजीएसटी और क्षतिपूर्ति सैस से छूट के आग्रह को ठुकरा दिया है। कमिटी का साफ कहना है कि जीएसटी के मौजूदा प्रावधानों के तहत ऐसी छूट देना संभव नहीं है।

सूत्रों की माने तो 18 जनवरी को नई दिल्ली में हुई जीएसटी काउंसिल की 25वीं बैठक में फिटमेंट कमिटी ने करीब 100 वस्तुओं की सूची रखी, जिनके संबंध में अलग-अलग क्षेत्रों से जीएसटी की दर घटाने और छूट देने का आग्रह किया गया है। इसी सूची में एसपीजी के सुरक्षा सामान आयात को आईजीएसटी (इंटीग्रेटेड जीएसटी) और क्षतिपूर्ति सैस से छूट देने का आग्रह किया गया था। जिसे कमेटी ने ठुकरा दिया है। फिटमेंट कमिटी में केंद्र और राज्यों के अधिकारी शामिल हैं। विभिन्न वस्तुओं और सेवाओं पर जीएसटी की दरें यह कमिटी ही तय करती है। हालांकि अंतिम निर्णय काउंसिल का होता है। कमिटी ने केंद्रीय पुलिस कैंटीन को भी छूट देने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है।

विदेशों से आयात होते हैं सुरक्षा के साजोसामान

एसपीजी सुरक्षा और उससे जुड़े कामकाज के लिए जो चीजें विदेश से आयात करती है, उसे कस्टम ड्यूटी, आइजीएसटी और क्षतिपूर्ति सैस से छूट देने के लिए सीजीएसटी कानून के तहत छूट देने का आग्रह किया गया था। जीएसटी काउंसिल की फिटमेंट कमिटी ने इस मुद्दे पर विचार किया है।

हालांकि कमिटी एसपीजी को इस तरह की छूट देने के पक्ष में नहीं है। बताया जा रहा है कि एसपीजी को जीएसटी छूट देने के पक्ष में सबसे बड़ी दलील यह दी जा रही है कि जीएसटी लागू होने से पूर्व एसपीजी के सभी तरह के आयातों पर सीमा शुल्क, सीमा शुल्कों की अतिरिक्त ड्यूटी जिसे सामान्यत: सीवीडी के रूप में जाना जाता है।

सीमा शुल्क की विशेष अतिरिक्त ड्यूटी जिसे एसएडी के रूप में जाना जाता है, से छूट प्राप्त थी। हालांकि जीएसटी लागू होने के बाद सीवीडी और एसएडी खत्म हो गए हैं और अब आयात पर आइजीएसटी लगता है। साथ ही जो उत्पाद क्षतिपूर्ति सैस के दायरे में आते हैं, उन पर यह भी देना होता है। सूत्रों ने कहा कि जीएसटी कानूनों के मौजूदा प्रावधानों के तहत इस तरह की टैक्स छूट नहीं दी जा सकती।

इंदिरा गांधी की हत्या के बाद बनी थी एसपीजी

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की 1984 में हुई हत्या के बाद देश के वीवीआईपी की सुरक्षा पर बड़ा प्रश्न चिन्ह लग गया। इसके बाद कई दौर की बैठक व विचार विमर्श के बाद 1988 में एसपीजी का गठन किय गया। तब से एसपीजी प्रधानमंत्री, पूर्व प्रधानमंत्रियों और उनके परिवारों को सुरक्षा मुहैया कराती है। एसपीजी की गठन के लिए संसद से एसपीजी एक्ट पारित किया गया था।

उस समय इसके पास सिर्फ प्रधानमंत्री की सुरक्षा का दायित्व था, लेकिन 1991 में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या होने के बाद पूर्व प्रधानमंत्रियों के लिए भी एसपीजी सुरक्षा कवर मुहैया कराने का फैसला किया गया। इसके बाद तत्कालीन राजग सरकार ने 2003 में पूर्व प्रधानमंत्रियों के परिवार को भी एसपीजी सुरक्षा कवर उपलब्ध कराने के लिए एसपीजी कानून में संशोधन किया।

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