GST काउंसिल की बैठक – टैक्स 28% से घटकर 18%, सेनिटरी नैपकिन सहित कई वस्तु टैक्स के दायरे से बाहर

नई दिल्ली : वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद् ने सेनिटरी नैपकिन, राखी, मूर्तियों, कंपोस्ट, सिक्कों, साल की पत्तियों से बने दोनों और थालियों, अतिरिक्त पोषक तत्त्व मिश्रित दूध जैसी कई वस्तुओं पर कर की दर घटाकर शून्य कर दी है। परिषद् की शनिवार को हुई 28वीं बैठक के बाद वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि सेनिटरी नैपकीन, राखी, क्वायर, कंपोस्ट, फूलझाड़ू, साल के पत्तों से बने दोनों और थालियों, अतिरिक्त पोषक तत्त्व मिश्रित दूध, सिक्कों तथा पत्थर, संगमरमर और लकड़ी की मूर्तियों को कर से मुक्त कर दिया गया है।

जीएसटी परिषद ने कई उत्पादों पर कर की दरें कम की; दस्तकारी के छोटे सामानों को कर से छूट:

संगमरमर पत्थर, राखी, काष्ठ से बनी देवी देवताओं की मूर्तियों और साल पत्तियों पर जीएसटी नहीं
राखी को जीएसटी से छूट, एथनॉल पर कर की दर कम करके 5 प्रतिशत की गई।
एक हजार रुए मूल्य तक के फुटवियर (जूते-चप्पल) पर अब 5 प्रतिशत जीएसटी लगेगा।
मिक्सर ग्राइंडर, परफ्यूम, सौंदर्य प्रसाधन, दाड़ी बनाने वाली मशीन (शेवर), पानी गर्म करने वाला हीटर, वैक्यूम क्लीनर पर जीएसटी की दर 28 से घटाकर 18 प्रतिशत की गई।
पांच करोड़ रुपये तक का कारोबार करने वाले तिमाही रिटर्न दाखिल कर सकते हैं, 93 प्रतिशत करदाताओं को होगा फायदा।
रिवर्स चार्ज व्यवस्था पर अमल को और एक साल (30 सितंबर 2019 तक) के लिए स्थगित कर दिया गया है।

बैठक में शामिल हुए दिल्‍ली के उपमुख्‍यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि सैनेटरी नैपकिन अब जीएसटी से फ्री है। सैनेटरी नैपकिन पर जीएसटी काउंसिल के फैसले से महिलाओं को बड़ी राहत मिली है। दरअसल, सैनेटरी नैपकिन अब तक 12 फीसदी के जीएसटी स्‍लैब में शामिल है लेकिन इस फैसले की लंबे समय से आलोचना हो रही थी और कई महिला संगठनों ने इसको लेकर नाराजगी जाहिर की थी।

बांस 12 फीसदी के टैक्‍स स्‍लैब में
वहीं महाराष्‍ट्र के वित्‍त मंत्री सुधीर मुनगंटीवा ने बताया कि बांस को 12 फीसदी के टैक्‍स स्‍लैब में रखा गया है। इसके अलावा उन्‍होंने दावा किया कि चीनी पर सेस को लेकर अगली बैठक में फैसला लिया जा सकता है। बता दें कि जीएसटी काउंसिल की अगली बैठक केरल में होने वाली है।

जीएसटी रेट में पहले भी हो चुके दो बड़े बदलाव
नवंबर 2017 की बैठक में 213 सामानों को अधिकतम 28% जीएसटी स्लैब से निकालकर 18% के स्लैब में शामिल किया। 5% जीएसटी के दायरे में शामिल 6 सामानों पर टैक्स खत्म कर दिया। फाइव स्टार होटल के रेस्त्रां को छोड़कर बाकी होटलों पर जीएसटी 18% से घटाकर 5% किया गया। जनवरी 2018 में 54 सेवाओं और 29 वस्तुओं पर टैक्स कम किया।

बता दें कि 2017-18 में जीएसटी से 7.41 लाख करोड़ रुपए आए थे। औसत मासिक कलेक्शन 89,885 करोड़ था। इस साल अप्रैल में कलेक्शन रिकॉर्ड 1.03 लाख करोड़ पहुंच गया था लेकिन मई में घटकर 94,016 करोड़ और जून में 95,610 करोड़ रुपए पर आ गया।

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