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GST के लिए भरना पड़ सकता है एक मासिक रिटर्न

नई दिल्लीः वस्तु एवं सेवा कर (जी.एस.टी.) के तहत हर महीने 3 रिटर्न भरने की जटिल प्रक्रिया को सरल बनाने का काम जारी है और सभी राज्य इसके लिए हर महीने एक रिटर्न भरने की व्यवस्था किए जाने पर सहमत हुए हैं। जी.एस.टी. रिटर्न सरलीकरण के संबंध में गठित मंत्रियों के समूह की आज यहां हुई बैठक में अधिकांश राज्यों ने जी.एस.टी. के लिए एक ही 2 मासिक रिटर्न का समर्थन किया।

बैठक के बाद इस समूह के अध्यक्ष एवं बिहार के उपमुख्यमंत्री तथा वित्त मंत्री सुशील कुमार मोदी ने यहां संवाददाताओं से कहा कि रिटर्न सरलीकरण का काम जारी है और जीएसटी परिषद इस पर अंतिम निर्णय लेगी। उन्होंने कहा कि महीने में एक ही रिटर्न भरने की व्यवस्था किए जाने पर एक राय बनी है। अब तक हर महीने 3 जी.एस.टी. रिटर्न भरने की व्यवस्था है लेकिन फिलहाल जीएसटीआर1 और जीएसटीआर 2 को स्थगित रखा गया है। अभी जीएसटीआर 3बी के जरिए जीएसटी रिटर्न भरा जा रहा है और जब तक नई व्यवस्था को अंतिम रूप नहीं दे दिया जाता और इसके लिए नए फॉर्म नहीं आ जाते, तब तक यह व्यवस्था जारी रहेगी।

मोदी ने कहा कि जीएसटी रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म (आरसीएम) पर अभी चर्चा जारी है और मई में होने वाली समूह की अगली बैठक में इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब तक सभी मॉडलों के बेहतर अंश को लेकर एक नया रिटर्न मॉडल बनाने पर सहमति बनी है लेकिन अधिकांश राज्यों ने अस्थायी रिफंड क्रेडिट जारी रखने का पक्ष लिया है। इसके साथ ही कुछ राज्यों ने जी.एस.टी. कर रिफंड की प्रक्रिया को सरल बनाने की वकालत की है।

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