छत्तीसगढ़बिज़नेस

GST: कुछ असमंजस कुछ पशोपेश… फिर भी खुश है देश

  • चंद्रेश चौधरी 

जीएसटी पर चल रही पशोपेश के बीच हमने लोगो के बीच जाकर यह जानने का प्रयास किया कि उनके मन में जीएसटी को लेकर क्या विचार है- हमें पता चला की वे सभी असमंजस की स्थिति में है. हालांकि उन्होंने फायेदे और नुकसान गिना तो दिए लेकिन वे अभी जीएसटी को पूरी तरह समझ नहीं पाए हैं. जिससे थोड़ी बहुत परेशानी आ रही है. विशेषज्ञों का कहना है की यह देश की आर्थिक स्थिति के लिए लाभदायक है और उनका मानना है कि पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स को भी जीएसटी में शामिल किया जा सकता है.

 

30 जून की रात को बड़े ही धूमधाम के साथ केंद्र की मोदी सरकार ने जीएसटी लागू किया. एक पखवाड़े बाद इसका असर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में दिखने लगा है. मॉल में खरीदारी से लेकर रेस्टोरेंट में खाने पीने पर लोगों को पहले के मुकाबले भारी छूट मिल रही है. अधिकतर व्यापारी भी जीएसटी का पंजीयन करा चुके हैं. वस्तुओं के दाम भी पहले के मुकाबले काफी कम हुए हैं. ब्रांडेड आटा, चावल से लेकर सभी दैनिक उपभोग के सामान भी सस्ते हुए हैं. शोरूम मॉल में कपड़ो पर लगभग 50 परसेंट तक छूट मिल रहा है. हालांकि बाजार में कई जगह स्टॉक में रखा पुराना सामान बेचा जा रहा है.

गोकुल बाजार राशन खरीदने पहुंचे विवेक अंचल ने बताया कि उन्होंने चावल साबुन और आटा खरीदा जो कि पहले की तुलना में सस्ते हैं.

वहीं शहर का कपड़ा व्यापार जीएसटी को लेकर काफी असमंजस की स्थिति में है. कुछ ने पंजीयन कराया है लेकिन कैश मेमो नहीं छपाया है. ऐसे में पुराने दाम पर ही सामान बेच रहे हैं. बिजली का सामान पर जीएसटी का असर सबसे ज्यादा दिख रहा है. पहले जहां इलेक्ट्रिक वायर पर 5 फ़ीसदी टैक्स लगता था लेकिन अब 28 फ़ीसदी का भुगतान करना पड़ रहा है.

दीपक गिरी, सहायक आयुक्त

1 लाख से ज्यादा ने कराया पंजीयन

सहायक आयुक्त दीपक गिरी ने बताया जीएसटी लागू हुए महज 15 दिन ही हुए हैं. छत्तीसगढ़ में वाणिज्यकर ने वैट देने वाले लगभग 1 लाख से अधिक व्यापारियों ने अपना अकाउंट जीएसटी में रजिस्टर्ड कर उसका लाभ लेना शुरू कर दिया है.

ग्राउंड लेवल पर कार्यशाला

उन्होंने बताया कि जीएसटी की बारीकियों को समझाने के लिए वाणिज्यकर कार्यालय में जीएसटी डेस्क काउंटर खोला है, साथ ही ब्लाकस्तर पर कार्यशाला आयोजित की जा रही है. इसके अलावा टोल फ्री हेल्पलाइन लाइन नंबर जारी कर सहायता किया जा रहा है.

एक्सपर्ट बोले- पेट्रोलियम प्रोडक्ट भी शामिल हो सकते हैं

CA रुपेश अग्रवाल

सेल्स टैक्स विशेषज्ञ रुपेश अग्रवाल ने बताया कि एक देश, एक बाजार और एक कर राष्ट्रहित के लिए लिया गया फैसला है. जीएसटी लागू होने से व्यापारी और उपभोक्ता दोनों का हित में है. व्यापारियों को जीएसटी की समझ लगभग होने लगी है. कई छोटे व्यापारियों की समस्या है. सलाना दो लाख की सेल नहीं होने पर उन्हें डिस्ट्रीब्यूटर की ओर से माल नहीं दिया जा रहा है. CA रुपेश अग्रवाल ने बताया कि छोटे व्यापारी अगर जीएसटी की श्रेणी में नहीं है तो वह जीएसटी में आसानी से पंजीकरण करा सकते हैं. सेल अगर 20 लाख से कम होगी तो उन्हें कोई भुगतान नहीं करना होगा. उन्होंने बताया कि जीएसटी से देश की अर्थव्यवस्था में काफी सुधार होगा इससे महंगाई भी कम होगी. श्री रूपेश का कहना है कि जल्द ही पेट्रोलियम प्रोडक्ट भी जीएसटी के स्लेब में शामिल हो सकते हैं.

जीएसटी पर बोले व्यापारी

कपड़ा व्यापारी अरविंदर सिंह भाटिया ने बताया कि मार्केट डाउन चल रहा है. सरकार के अनुसार जीएसटी में पंजीकरण करा तो लिया है, लेकिन इसके बारे पूरी जानकारी अभी तक नहीं है फिलहाल तो हम अभी पुराने रेट में छूट के साथ कपड़े बेच रहे हैं.

इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम के होलसेल विक्रेता यशवंत अग्रवाल ने कहा कि जीएसटी में पंजीकरण करा लिया है और बिल भी इसी के अनुसार बना रहे हैं, लेकिन ग्राहक जीएसटी का भुगतान करने से कतरा रहा है. उन्होंने बताया पहले की तुलना में इलेक्ट्रॉनिक सामान पर काफी असर पड़ा है. लगभग सभी सामानों के दाम महंगे हो गए हैं. एक साधारण केबल पर जहां 5% का टैक्स लगता था वही अब उन्हें 28 प्रतिशत का टैक्स भुगतान करना पढ़ रहा है.

राजधानी के एम जी रोड में स्थित साइकल विक्रेता राजेंद्र सिंह सलूजा ने बताया कि हमने जीएसटी पंजीकरण करा लिया है, लेकिन यह असमंजस की स्थिति में है. सरकार पहले पूरी तरह अवगत करा देती फिर लॉन्च करती तो ज्यादा फायदेमंद होता.

एक रेस्टोरेंट के सेल्स मैनेजर दीपक ने बताया कि जीएसटी अभी लोगों को समझ में नहीं आ रहा है. जिसके चलते कस्टमर से थोडी बहस भी हो रही है, उन्होंने कहा कि यह आम जनता के लिए नुकसानदेय है. उन्होंने बताया पहले की तुलना में मार्केट में अभी मंदी है.

कीटनाशक और उर्वरक के व्यापारी अश्विन कट्टा ने बताया कि जीएसटी से किसानों और व्यापारियों को इससे कोई परेशानी नहीं हो रही है. उन्होंने कहा सिस्टम चेंज हो रहा है और इसे समझने में थोडा समय लगेगा. बाकि बहुत अच्छा है अब टैक्स चोरों पर लगाम लगेगी.

शहर के मशहूर कपड़ा दूकान श्री शिवम के मैनेजर का कहना है कि जीएसटी से ब्रांडेड कपडे के दाम बढे है. उन्होंने बताया कि महिलाओं को जीएसटी कोई फर्क नहीं पड़ा है जबकि पुरुष वर्ग को बहुत फर्क पड़ा है. धीरे धीरे लोगों को समझ में आ रहा है. जीएसटी से देश के साथ साथ हमारे लिए बहुत अच्छा है. इससे टैक्स चोरों को बहुत ज्यादा फर्क पड़ा है. जीएसटी में पारदर्शिता का व्यापार होगा.

आम जनता की राय…

KFC में प्रदीप राठिया अपने मित्रों के साथ

गोकुल बाजार में राशन सामान खरीदने पहुंची डॉक्टर नूपुर श्रीवास्तव ने बताया कि जीएसटी लागू होने से दैनिक जरूरत की वस्तुएं पहले की तुलना में सस्ती हुई है.

बिग बाजार में सुजाता पिल्ले अपने बेटे राहुल के साथ राशन खरीदने पहुंची उनका कहना है कि जीएसटी लागू होने से जेब पर कोई फर्क नहीं पड़ा है. पहले बहुत सारे टैक्स देना होता था लेकिन अब जीएसटी देना पड़ रहा है और रही बात ऑफर की तो यह पहले भी था और अभी है.

कपड़ा खरीदनें पहुंचे विजेंद्र कुमार का कहना है कि ब्रांडेड कपड़ा महंगा हुआ है. हम पहले भी टैक्स देते थे और अब भी दे रहे हैं. तो कोई फर्क नहीं पड़ा है. धीरे धीरे सभी को समझ में आ जाएगा.

अपने दोस्तों के साथ लंच करने केएफसी पहुंचे प्रदीप राठिया ने बताया कि जीएसटी लागू होने से पिज़्ज़ा, बर्गर में अतिरिक्त शुल्क देना पड़ रहा है, जबकि रेस्टोरेंट में खाने पीने का बिल पहले के मुकाबले कम हुआ है.

Tags
Back to top button