छत्तीसगढ़

अतिथि शिक्षक (विद्यामितान) ने डॉ०राजेश्री महंत रामसुंदरदास जी महाराज संसदीय सचिव से माँगी घोषणा पत्र में किए गए नियमितीकरण के वादे को जल्द पूरा करने की माँग

ब्युरो चीफ: विपुल मिश्रा

गत 4 वर्षो से निरंतर अति संवेदनशील क्षेत्र में शिक्षा का गुणवत्ता एवं बोर्ड परीक्षा परिणाम में निरंतर सुधार करने वाले अतिथि शिक्षक (विद्यामितान) को अपने भविष्य की चिंता सताने लगी हैं.

उनका कहना था कि बच्चो के जीवन में हम निरंतर ज्ञान का दीपक जला रहे हैं. परंतु उसी दीपक के तले हमारा भविष्य अंधकारमय प्रतीत हो रहा हैं. क्योंकि इस अस्थाई शिक्षकीय सेवा अवधि में शासकीय नौकरी की आयु समाप्त हो रही हैं / व्याख्याता शिक्षक के समान सभी योग्यता पूर्ण होते हुये भी अब- तक नियमितिकरण नही हुआ हैं.

ऊपर से कोरोना महामारी में शिक्षको के परिवार का रोजी-रोटी छीन लिया हैं / इन सभी समस्याओ के संबंध में अतिथि शिक्षको (विद्या मितान) ने डॉ०राजेश्री महंत रामसुंदरदास जी महाराज संसदीय सचिव एवं गौ सेवा प्रदेश अध्यक्ष से मिलकर सरकार के घोषणा पत्र अनुसार नियमितिकरण एवं गत 4 माह से वेतन नहीं मिलने की समस्या से अवगत कराया गया.

इस संदर्भ में माननीय महाराज जी ने सरकार के समक्ष बात पहुंचाने तथा शीघ्र ही नियमितीकरण तथा वेतन भुगतान कराने का आश्वासन दिया. जिसके लिये अतिथि शिक्षक (विद्यामितान)संघ द्वारा उनका आभार प्रकट किया गया.

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