छत्तीसगढ़

बर्ड फ्लु से बचाव,रोकथाम एवं नियंत्रण के संबंध में राज्य शासन द्वारा दिशा-निर्देश जारी

एविएन इन्फ्लुएंजा बर्ड फ्लु से बचाव, रोकथाम एवं नियंत्रण के संबंध में राज्य शासन द्वारा निर्देश जारी किये गये है

ब्यूरो चीफ : विपुल मिश्रा
संवाददाता : शिव कुमार चौरसिया

बलरामपुर 15 जनवरी 2021 : एविएन इन्फ्लुएंजा बर्ड फ्लु से बचाव, रोकथाम एवं नियंत्रण के संबंध में राज्य शासन द्वारा निर्देश जारी किये गये है जिसके अनुसार “एविएन इन्फ्लुएंजा बर्ड फ्लु का संक्रमण मनुष्यों में संक्रमित प्रवासी पक्षियों तथा पोल्ट्री से फैलता है। प्रभावित राज्यों से संक्रमित पक्षियों के आने-जाने से संक्रमण फैलाव संभव है जिससे मनुष्यों में भी यह संक्रमण फैल सकता है।

पक्षियों विशेषकर पोल्ट्री से मनुष्यों में बर्ड फ्लु के संक्रमण की संभावना अधिक होती है। एविएन इन्फ्लुएंजा बर्ड फ्लु के बचाव के दृष्टिगत कलेक्टर श्याम धावडे़ ने आमजनों से अपील करते हुए कहा कि पक्षियों के लार, पंख तथा अपशिष्ट पदार्थ को न छुएं तथा इनकी देखभाल करते समय नाक व मुंह को कपड़े से अच्छी तरह ढंक लें।

बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को जानवरों और पक्षियों के सम्पर्क में आने से बचायें तथा रोग से मृत पक्षियों या पोल्ट्री को न खाएं। उन्होंने कहा कि कच्चा या अधपका मांस न खाएं एवं पाल्ट्री पक्षियों या उनके उत्पादों के सम्पर्क में आने वाले व्यक्ति बार-बार अपने हाथ साबुन और पानी से धोवें। साथ ही खाना पकाते वक्त अपने हाथों से खाने के सम्पर्क में आने वाले सभी बर्तनों और सतहों को गर्म पानी और साबुन से साफ करें।

पालतू और गैर पालतू पक्षियों में अचानक मृत्यु की जानकारी मिले तो तत्काल इसकी सूचना निकट के पशु चिकित्सा अधिकारी को दें तथा मृत पक्षियों को हाथ न लगाएं ताकि समुचित निष्पादन किया जा सके। कलेक्टर ने कहा कि मनुष्य में बर्ड फ्लु के फैलने से आंखों का संक्रमण, सांस लेने में तकलीफ, निमोनिया, मस्तिष्क में सूजन व हृदय में सूजन जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। मनुष्य में संक्रमण की जांच हेतु लक्षण दिखाई देने पर निकटतम स्वास्थ्य केन्द्र से सम्पर्क कर उपचार प्राप्त करें।

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