होम आइसोलेशन में कोरोना संक्रमितों के इलाज और मॉनिटरिंग के लिए दिशा-निर्देश जारी

स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को जारी किया परिपत्र

रायपुर. 4 अप्रैल 2021 : राज्य शासन के स्वास्थ्य विभाग ने बिना लक्षण और हल्के लक्षण वाले कोरोना संक्रमितों के होम आइसोलेशन में इलाज और मॉनिटरिंग के लिए व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं नीरज बंसोड़ ने सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को परिपत्र जारी कर होम आइसोलेशन से संबंधित प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करवाने कहा है। विभाग ने होम आइसोलेशन में कोविड-19 के इलाज की अनुमति, पात्रता, शर्तों, नियमों, जिला प्रशासन के उत्तरदायित्वों, मरीजों के स्वास्थ्य की निगरानी और मरीजों द्वारा बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों के संबंध में विस्तृत निर्देश दिए हैं।

होम आइसोलेशन

स्वास्थ्य विभाग ने होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों की निगरानी कर रहे निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम्स और डॉक्टरों को मरीज से संबंधित जानकारी और उनके होम आइसोलेशन की समाप्ति की सूचना जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। विभाग द्वारा जारी परिपत्र में कहा गया है कि राज्य शासन द्वारा कोविड-19 के मरीजों को निर्धारित मापदंडो के अनुरूप होम आइसोलेशन की अनुमति प्रदान की गई है।

मरीज को होम आइसोलेशन की अनुमति देने के पहले उसकी पात्रता का आंकलन किया जाएगा। कोरोना संक्रमित मरीज के रहने के लिए घर में हवादार कमरा और अलग शौचालय होना अनिवार्य है। यदि घर में ऐसी व्यवस्था नहीं है तो मरीज के इलाज का प्रबंध कोविड केयर सेंटर में किया जाएगा। सामुदायिक शौचालय का उपयोग करने वाले परिवारों को होम आइसोलेशन की अनुमति नहीं दी जाएगी।

होम आइसोलेशन की अनुमति प्रदान किए गए मरीजों से निर्धारित प्रपत्र में अंडरटेकिंग भरवाया जाएगा। होम आइसोलेशन के लिए उपयुक्त पाए गए मरीजों को उपचार के लिए दवाईयों का एक किट प्रदान किया जाएगा। होम आइसोलेशन की सम्पूर्ण अवधि के दौरान जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा नियुक्त स्वास्थ्यकर्मी प्रतिदिन चिकित्सकों या उनके अटेंडेंट से फोन के माध्यम से संपर्क में रहेंगे। वे मरीज को सांस लेने में कठिनाई, सीने में लगातार दर्द या दबाव, होंठ या चेहरे का नीला पड़ना, ऑल्टर्ड सेसोंरियम (डिस-ओरिएंटेशन) जैसे गंभीर लक्षण विकसित होने पर इसकी सूचना तत्काल कण्ट्रोल रूम में दूरभाष के माध्यम से देंगे।

होम आइसोलेशन में मरीजों की निगरानी

स्वास्थ्य विभाग ने होम आइसोलेशन में मरीजों की निगरानी कर रहे निजी चिकित्सालयों, नर्सिंग होम्स और डॉक्टरों को निर्देशित किया है कि उनके माध्यम से यह सुविधा प्राप्त कर रहे सभी व्यक्तियों की सूची तथा होम आइसोलेशन अवधि की समाप्ति की सूचना अनिवार्य रूप से संबंधित जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और आई.डी.एस.पी. शाखा से साझा करें। साथ ही होम आइसोलेशन में उपचाररत् व्यक्ति के प्रतिदिन की जानकारी भी निर्धारित प्रपत्र के अनुसार संकलित कर साझा करें। परिपत्र में शासन द्वारा होम आइसोलेशन के लिए निर्धारित मापदंडों के अनुरुप पात्र कोविड-19 संक्रमितों को ही इसकी सुविधा प्रदान करने कहा गया है।

जिला स्तर पर सप्ताह के सातों दिन चौबीसों घंटे संचालित होने वाले कॉल सेंटर एवं कण्ट्रोल रूम की स्थापना के निर्देश दिए गए हैं। जिला कंट्रोल रूम द्वारा मरीज को होम आइसोलेशन की अनुमति देने के पहले उसकी पात्रता का आंकलन किया जाएगा। होम आइसोलेशन के संबंध में मरीज के परिजनों और पड़ोसियों की भी समुचित काउंसलिंग के निर्देश दिए गए हैं जिससे कि आइसोलेशन की पूरी अवधि में वे मरीज से समुचित दूरी बनाते हुए भी उनका मनोबल बनाए रखने में सहयोग करें।

होम आइसोलेशन में रह रहे मरीज के परिजन भी घर से बाहर नहीं जाएंगे तथा दैनिक वस्तुओं की उपलब्धता आवश्यकतानुसार सुनिश्चित करने के लिए जरूरी प्रबंध करेंगे। होम आइसोलेट किए गए मरीजों की सभी जानकारी जैसे नाम, पता, संपर्क नंबर, होम आइसोलेशन की तिथि इत्यादि वार्ड या पंचायत कार्यालय में रखे जाएंगे। होम आइसोलेटेड मरीज के घर के घरेलू अपशिष्ट का संग्रहण एवं समुचित प्रबंधन जिला प्रशासन के माध्यम से किया जाएगा। जिला प्रशासन द्वारा होम आइसोलेटेड मरीजों से संबंधित सभी जानकारी प्रतिदिन राज्य की आईडीएसपी शाखा को उपलब्ध कराई जाएगी।

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