PM मोदी बोले- जलक्रांति का श्रेय अंबेडकर को, पटेल जीवित होते तो 60 में बन जाता डैम

नेशनल ट्राइबल फ्रीडम फाइटर्स म्यूजियम का उद्घाटन करने के मौके पर उपस्थित जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश के महापुरुषों में सरदार वल्लभ भाई पटेल और बाबासाहब अंबेडकर कुछ वर्ष और जिंदा रहते तो सरदार सरोवर डैम बहुत पहले बन गया होता, लेकिन दुर्भाग्य से हमने उन्हें बहुत पहले खो दिया. उन्होंने कहा कि सरदार सरोवर बांध देश की ताकत का प्रतीक बनेगा. भारत में जलक्रांति का श्रेय अंबेडकर को जाता है और सरदार पटेल जीवित रहते तो ये बांध 60 के दशक में ही बन जाता.

PM मोदी ने वर्ल्ड बैंक पर साधा निशाना

प्रधानमंत्री ने वर्ल्ड बैंक पर निशाना साधते हुए कहा कि दुनिया के शीर्ष बैंक ने पर्यावरण का हवाला देते हुए फंड देने से मना कर दिया. जब मैं गुजरात का मुख्यमंत्री बना तो देखा कि लोगों को पीने के पानी के लिए तमाम मुश्किलें झेलनी पड़ती. पाकिस्तान सीमा पर तैनात हमारे जवानों को पानी के लिए मेहनत करनी पड़ती थी. ऊंट से पानी ढोना पड़ता था. विकास के रास्ते में पानी की कमी सबसे बड़ी बाधा थी. हमने गुजरात के पसीने से सरदार सरोवर बांध बनाया है.

मोदी ने कहा कि हम पर अनाश शनाप आरोप लगाए गए. लेकिन, हमने हमेशा इसको राजनीतिक विवाद से बचाने की कोशिश की. सबने राजनीति की और मुश्किलें खड़ी करने की कोशिश की. गुजरात के संतों ने हमारा साथ दिया और गुजरात के मंदिरों से भी पैसे दिए गए थे और तब जाकर सरदार सरोवर डैम बना. ये कोटि-कोटि जनों का काम है.

इंजीनियरिंग का जादू है कैनाल नेटवर्क
मोदी ने बांध से जुड़े कैनाल नेटवर्क को इंजीनियरिंग का जादू करार दिया और कहा कि 700 किलोमीटर दूर से जब भारत-पाकिस्तान सीमा पर तैनात जवानों के पास पानी पहुंचा, तो उनके चेहरे पर खुशी देखने लायक थी.

प्रधानमंत्री ने बताया कि पूर्व उपराष्ट्रपति भैरोंसिंह शेखावत और जसवंत सिंह राजस्थान को इस डैम से पानी मिलने को लेकर भावुक थे. जिस पानी के लिए तलवारें चलती थी. उसे पानी मिलना, कितनी बड़ी बात है. हमने बाड़मेर तक पानी पहुंचाया. नर्मदा के पानी से भारत का स्वर्णिम इतिहास लिखा जाएगा.

लाखों लोग देखने आएंगे स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी
मोदी ने कहा कि आप भलीभांति जानते हैं कि मुझे छोटा काम भाता नहीं है. न मैं छोटा सोचता हूं और न छोटा काम करता हूं. और इसीलिए मैंने सरदार साहब का स्टैच्यू बनाने का फैसला लिया. तो तय किया कि स्टैच्यू सबसे ऊंची होगी. अमेरिका की स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से भी ऊंची. आप कल्पना कर सकते हैं कि स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी को देखने कितने लोग जाते हैं. और यही गुजरात में होने वाला है. लाखों लोग सरदार पटेल की प्रतिमा देखने आएंगे.

नहीं भूलना चाहिए आदिवासियों का बलिदान
प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ लोगों को लगता है कि देश को आजाद कराने में सिर्फ मुट्ठी भर लोगों ने योगदान दिया. कुछ लोगों ने बाकियों को भुला दिया. आदिवासियों का बलिदान भूलना नहीं चाहिए. हमारे आदिवासी भाइयों ने मां भारती के लिए बलिदान देने में कभी संकोच नहीं किया. हिंदुस्तान में जहां-जहां आजादी के जंग के लिए संघर्ष किया, बलिदान दिया. उन आदिवासी वीरों के लिए हमारी सरकार म्यूजियम बनाना चाहती है.

सिर्फ ताजमहल नहीं, हिंदुस्तान के पास दिखाने को बहुत कुछ
मोदी ने कहा कि हम सिर्फ ताजमहल दुनिया को दिखाते रहते हैं. हिंदुस्तान के पास दिखाने के लिए बहुत कुछ है. ये सरदार सरोवर डैम, सरदार साहब का स्टैच्यू बहुत कुछ है. सरदार सरोवर डैम पर खेलों के आयोजन से टूरिज्म बढ़ेगा. हिंदुस्तान के पास बहुत कुछ है, दुनिया को दिखाने के लिए.

अपने संबोधन के आखिर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारतीय वायुसेना के मार्शल अर्जन सिंह को नमन किया.

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