बड़ी खबरराज्य

हिमाचल विधानसभा में गूंजा कंगना का मामला, सीएम ने घर तोड़ने की निंदा की

महाराष्ट्र सरकार की कार्रवाई अशोभनीय है। कंगना को दिए नोटिस के जवाब आने से पहले ही उनके कार्यालय को तोड़ दिया गया और मुंबई हाईकोर्ट ने बीएमसी की कार्रवाई पर स्टे भी लगाया है, लेकिन उससे पहले ही कार्रवाई हो गई। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र विधानसभा ने भी कंगना के खिलाफ प्रीवलेज लाया है।

हिमाचल प्रदेश विधानसभा में बुधवार को फिल्म अभिनेत्री कंगना रणौत की सुरक्षा के मुद्दे पर तनातनी हो गई। दो बजे भोजनावकाश के बाद सदन की कार्यवाही शुरू होते ही निर्दलीय विधायक होशियार सिंह ने कंगना की सुरक्षा और उनके मुंबई स्थित कार्यालय को बीएमसी की ओर से तोड़े जाने का मामला उठाया। होशियार सिंह ने कहा कि हिमाचल की बेटी कंगना रणौत ने देश-विदेश में नाम कमाया है।

उन्हें जान से मारने की धमकी मिल रही है। महाराष्ट्र सरकार की कार्रवाई अशोभनीय है। कंगना को दिए नोटिस के जवाब आने से पहले ही उनके कार्यालय को तोड़ दिया गया और मुंबई हाईकोर्ट ने बीएमसी की कार्रवाई पर स्टे भी लगाया है, लेकिन उससे पहले ही कार्रवाई हो गई। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र विधानसभा ने भी कंगना के खिलाफ प्रीवलेज लाया है।

इसके बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल की बेटी कंगना रणौत ने केवल आवाज उठाई थी। ऐसे में इस तरह की कार्रवाई करना गलत है। सीएम ने कंगना का घर तोड़ने की निंदा की। उन्होंने कहा कि कंगना रणौत की सुरक्षा का ध्यान रखा गया है। पिछले दिनों कंगना रणौत की बहन ने संपर्क किया और पिता ने लिखित में सुरक्षा की मांग की थी और परिस्थितियों को देखते हुए उन्हें घर में सुरक्षा दी गई थी। उन्हें पीएसओ भी दिया गया है। केंद्र सरकार ने उन्हें वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा देते हुए सीआरपीएफ के 11 कमांडो उनकी सुरक्षा में रखे हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल सरकार उनके खिलाफ हो रहे व्यवहार से चिंतित है।

उन्होंने सदन के माध्यम से महाराष्ट्र सरकार से इस संबंध में आग्रह किया कि वह ऐसा कदम न उठाएं, जिससे उनकी सुरक्षा को खतरा हो जाए। कांग्रेस विधायक रामलाल ठाकुर ने कहा कि कंगना हिमाचल की बेटी है और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए। कंगना के कार्यालय की तोड़फोड़ का मामला कोर्ट में जा चुका है, ऐसे में ऐसी भाषा में विरोध हो, जिससे कोर्ट की भी अवमानना नहीं हो।

रामलाल ठाकुर के बात रखने के बाद सीएम दोबारा कंगना के मामले पर बोलने को उठे, इसी बीच कांग्रेस विधायक जगत सिंह नेगी भी खड़े हो गए। उन्होंने अपने हलके की कोई बात की तो स्पीकर ने उन्हें बैठने को कहा। सत्तापक्ष के विधायक भी उन्हें बैठने को कहने लगे। इससे सदन में माहौल गरम हो गया और नेगी ने सीएम की ओर इशारा कर कुर्सी की मर्यादा की बात की।

इस पर सीएम समेत सत्तापक्ष के सदस्य तैश में आ गए और नोकझोंक हुई। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि कंगना को सुरक्षा मिलनी चाहिए और इससे सभी सहमत हैं। उन्होंने कहा कि कंगना समेत सभी अन्यों की सुरक्षा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारी विधानसभा में दूसरी विधानसभा के प्रिवलेज पर चर्चा नहीं की जानी चाहिए।

Tags

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button