कांग्रेस ने BJP से छीनी गुरदासपुर लोकसभा सीट, 1.93 लाख वोटों से जीते जाखड़

गुरदासपुर लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस ने बड़ी जीत हासिल की है. कांग्रेस उम्मीदवार सुनील जाखड़ ने यहां अपने करीबी प्रतिद्वंद्वी बीजेपी के सवर्ण सलारिया पर करीब 1 लाख 93 हजार 219 वोटों से जीत दर्ज की.

कांग्रेस के नेताओं व कार्यकर्ताओं ने गुरदासपुर, चंडीगढ़ सहित कई दूसरी जगहों पर पटाखे फोड़कर और मिठाई बांटकर जीत का जश्न मनाया. इन नतीजों से गदगद सुनील जाखड़ ने कहा, ‘गुरदासपुर के लोगों ने मोदी नीत केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर अपनी नाराजगी का सख्त संदेश दिया है.’

वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ट्वीट कर कहा, ‘गुरदासपुर के लोगों को भरोसा दिलाता हूं कि सुनील जाखड़ के किए प्रत्येक वादे पुरे किए जाएंगे और सभी विकास कार्यों को फास्ट ट्रैक पर किया जाएगा.’ उधर नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा, ‘यह हमारे भावी पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी के लिए लाल फीते में लिपटा खूबसूरत दिवाली गिफ्ट है.’

इस बीच खजूरिया ने कांग्रेस पर उपचुनाव के लिए ‘अलोकतांत्रिक तरीके’ अख्तियार करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा, ‘सत्तारूढ़ दल ने इन चुनावों में अलोकतांत्रिक तरीकों का सहारा लिया. उपचुनाव के दौरान लोग डरे हुए थे और युवा लगभग नदारद थे. अगर उनकी (कांग्रेस की) जीत होती है, तो वह सम्मानजनक नहीं होगी.’

गुरदासपुर लोकसभा सीट में नौ विधानसभा सीट हैं- भोआ, पठानकोट, गुरदासपुर, दीनानगर, कादियां, फतेहगढ़ चूड़ियां, डेरा बाबा नानक, सुजानपुर और बटाला. 11 अक्तूबर को हुए इस उपचुनाव को पंजाब की छह महीने पुरानी कांग्रेस सरकार की लोकप्रियता की परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है.

अभिनेता विनोद खन्ना इस सीट से बीजेपी के सांसद थे और उनके निधन के बाद यहां उपचुनाव कराया गया. इस उपचुनाव में 56 फीसदी मतदान दर्ज किया गया, जो 2014 के लोकसभा चुनाव के मुकाबले काफी कम है. 2014 में इस सीट पर 70.03 फीसदी मतदान हुआ था.

वहीं केरल के वेनगना सीट पर हुए उपचुनाव में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के केएनए कादर 23,310 वोटों से विजयी रहे हैं. इस सीट पर कादर को जहां 64860 वोट मिले, तो वहीं उन्हें करीबी माकपा प्रतिद्वंद्वि पीपी बशीर को 41917 वोट मिले, वहीं बीजेपी के उम्मीदवार के जनचंद्रन को 5728 वोट मिले और वह चौथे स्थान पर रहे.

IUML प्रमुख पीके कुन्हलिकुट्टी के अप्रैल में मलप्पुरम से लोकसभा सांसद चुने जाने के बाद यह सीट खाली हो गई थी. उन्होंने कहा कि मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने सारे दांव-पेंच खेले, लेकिन हम जानते थे कि क्या परिणाम आएगा.

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