कुरूद क्षेत्र देवताओं की यज्ञ भूमि है : इंदुभवानंद

शंकराचार्य आश्रम रायपुर के प्रमुख ब्रह्मचारी डॉ इंदुभवानंद ने अपने प्रवचन में बताया कि कुरूद क्षेत्र देवताओं की यज्ञ भूमि है तथा कुरूद क्षेत्र को धर्म क्षेत्र भी कहते हैं। यह प्रवचन ब्रह्मचारी डॉ इंदुभवानंद ने कुरूद के छाती गांव में चल रहे भागवद गीता कथा में कहीं।

आगे उन्होंने कहा जब कौरव और पांडव की सेना युद्ध के लिए यहां एकत्रित हुए तथा अपने ही पक्ष के लोगों को देखकर अर्जुन ने भगवान श्रीकृष्ण से कहा कि – प्रभु युद्ध करके जिस राज्य को प्राप्त करना चाहते हैं उन्हीं को हमें मारना पड़ रहा है, अतः मैं युद्ध नहीं करूंगा क्यों कि स्वजनों के वध से राज्य का सुख हमें नहीं चाहिए और वे भगवान के शरण मे चले गए।

इस अवसर पर होरीलाल चंद्राकर, रमाकांत चंद्राकर, माखन चंद्राकर, दिनेश चंद्राकर, भूपेंद्र पांडेय, अमन साहू व समस्त चंद्राकर समाज के लोग उपस्थित थे। ब्रह्मचारी डॉ इंदुभवानंद रायपुर आश्रम पहुंचकर उक्त बातें कही और उन्होंने कहा कि 30 मार्च को कथा का अंतिम दिवस है जिसमे भागवद गीता पर महत्त्वपूर्ण कथा का रस पान श्रद्धालुओं को वे कराएंगे ।

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