गुड़गांव की हवा में घुल रहा जहर, देश का सबसे प्रदूषित शहर

नई दिल्ली : आज देश वायु प्रदूषण जैसी समस्या से जूझ रहा है। पर्यावरण के मामले में भारत दुनिया में सातवां सबसे असुरक्षित देश है जो एक चिंता का विषय है। इसी बीच सेन्ट्रल पलूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) ने अपनी एक रिपार्ट पेश की है जिसमें गुड़गांव को देश का सबसे प्रदूषित शहर घोषित किया गया। वही दिल्ली-एनसीआर की हवा हवा की गुणवत्ता खराब रही।

देश में 62 शहरों में हवा की गुणवत्ता की जांच की गई जिनमें गुड़गांव की हवा मानकों पर खरे नहीं उतरी। शहर का एयर क्वॉलिटी इंडेक्स 321 मापा गया, जो खतरनाक श्रेणी में आता है। हरियाणा स्टेट पलूशन कंट्रोल बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि अरब देश ओमान में आई धूल भरी आंधी के चलते दिल्ली-एनसीआर की हवा का मिजाज फिर बिगड़ गया है। मध्य पूर्व के देशों की तरफ से आने वाली हवा दक्षिणी पश्चिम हिस्से को प्रदूषित कर रही है।

CPCB के एयर लैब डिविजन के पूर्व प्रमुख दीपांकर साहा ने बताया कि गुड़गांव अरब से आने वाली हवाओं से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है क्योंकि यह दिल्ली के पश्चिम में स्थित है और धूल के कण उत्तर-पश्चिम दिशा से आ रहे हैं। दिल्ली और एनसीआर में आर्द्रता का स्तर काफी ऊंचा है, इसलिए पार्टिकुलेट मैटर हवा की नमी में चिपक जाते हैं। जब तक कि तेज हवा और बारिश नहीं होती, पूरे क्षेत्र में यही स्थिति बनी रहेगी।

सीपीसीबी के अनुसार देश में 94 ऐसे शहर हैं, जहां हवा में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर है। इसमें 17 शहर महाराष्ट्र में हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार भारत वायु प्रदूषण से सबसे बुरी तरह प्रभावित है। यहां हवा की खराब गुणवत्ता के कारण हर साल 19 लाख असमय मौत होती है यानि 2.27 मौत प्रति मिनट। वहीं बढ़ते वायु प्रदूषण की वजह से संघातक बीमारियां हो रही हैं, इसमें सांस फूलना, कैंसर, डायबिटीज और अन्य प्रदूषण जनित बीमारियां हैं। 27 फीसदी भारतीयों के मौत की वजह वायु प्रदूषण से होती है। इसमें अल्प और मध्यम आय वर्ग के लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।

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