छत्तीसगढ़

भारत वर्ष में विज्ञान की तकनीक बहुत उन्नत थी: डॉ. रवि शर्मा

रायपुर. गुरुकुल महिला महाविद्यालय प्रेक्षागृह मे 18 सितम्बर 2017 को विज्ञान परिषद् की ओर से प्रेक्षागृह मे प्रोफेसर डॉ रवि शर्मा , जो कि फिजिक्स डिपार्टमेंट,शासकीय कला वाणिज्य कन्या महाविद्यालय से आए थे,ने एन्सिएंट माइथोलॉजी एंड साइंस विषय पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया।प्रोफसर रवि ने बताया कि भारत मे हजारो साल से ही आत्यध्मिक विज्ञान के ऐसे उदाहरण कहानी, किवदंतियों और पौराणिक कथाओं में मौजूद है जिनको हम बचपन से सुनते आ रहे है।

भारत का विज्ञान प्राचीन सभ्यताओं मे इतना आगे था जिसकी आज हम परिकल्पना करते हैं , वो सभी आदिकालीन भारतीय वर्ष के इतिहास के रूप में दर्ज है।विज्ञान को कहने के लिए शायद वो वैज्ञानिक भाषा नही थी जिसकी समझ आज हमें है ।आम जनता को समझाने के लिए सरलतम तरीका किस्से और कहानी ही हुआ करता था ताकि आसानी से हम विज्ञान के उन गूढ़ रहस्यों को समझ पाए। डॉ रवि शर्मा ने बहुत ही सरल तरीके से शून्य की परिकल्पना,दशमलव प्रणाली की देन, बायोलुमीओस सब भारत की देन है के बारे मे बताया।

ईश्वर एनर्जी के रूप में सर्वत्र व्यापी है।आत्मा ही एनर्जी के रूप में हमारे शरीर मे विधमान है।हजारो साल पहले जब विज्ञानं के रूप मे दुनिया को नही मालूम था कि पृथ्वी गोल है तब हजारों वर्ष पहले हमने जान लिया था। भारत में वाराह अवतार जिसने पृथ्वी को उठा रखा था अपनी थूथन में, पृथ्वी गोल ही दिखती है। जिंक जो योगिक के रूप में पाया जाता है, को कैसे अलग कर लिया गया और उपयोग किया होगा? देहली में कुतुम्मिनार के सामने स्थित लौह स्तंभ उत्कर्ष तकनीक का एक बेजोड़ नमूना है जिस पे कभी जंग नही लगती। आज भी चमत्कारिक है और वर्षों पुराना है।

ऐसे कई उदहारण है जो ये बताते है कि भारत वर्ष में विज्ञान की तकनीक बहुत उन्नत थी। डॉ शर्मा ने कई ऐसे उदाहरण देकर साबित किया कि हमारा वैज्ञानिक ज्ञान बहुत ज्यादा ही उच्च कोटि का था ।सुषुप्त पुराण में प्लास्टिक सर्जरी और कैटरैक्ट के ऑपरेशन के उल्लेख मिलते है।विश्वकर्मा भगवान द्वारा पुष्पक विमान की रचना मात्र परिकल्पना नही हो सकती , उसके प्रमाण व्याप्त है ।आदिकालीन लिपि नहीं पढ़ पाने की बजह ही शायद चीजों को खोने का कारण बनी ।

डॉ शर्मा ने माइथोलॉजी, इतिहास एवं सम्बन्धित विषयों तथा विज्ञानं को समझने के लिये, शोध तथा गहन अध्ययन लिए छात्राओं को प्रेरित किया। कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ संध्या गुप्ता ,हेड ऑफ़ द् डिपार्टमेंट वंदना अग्रवाल , डॉ शुभांगी दुबे ,डॉ रजिया सुल्तान,डॉ मीनु ,डॉ सीमा साहू,डॉ आरसीया सहित समस्त स्टाफ उपस्थित थे.

31 May 2020, 11:10 AM (GMT)

India Covid19 Cases Update

182,990 Total
5,188 Deaths
87,099 Recovered

Tags
Back to top button