मध्यप्रदेश

ग्वालियर: तकनीकी खामी की मार झेल रहा संपत्तिकर विभाग, जानें मामला!

अमले ने पहले दिन दुकानों पर जाकर जुर्माने की कार्रवाई शुरू कर दी। कुछ दुकानदारों ने विरोध किया, लेकिन कर्मचारियों ने सख्ती बरती और रसीदें थमा दीं।

नगर निगम प्रशासन इस बार संपत्तिकर वसूली के टारगेट से काफी पिछड़ता जा रहा है। अब तक 30 करोड़ की वसूली होना थी, लेकिन 25 करोड़ ही वसूले जा सके हैं। नए सॉफ्टवेयर में तकनीकी खामी की मार झेल रहा संपत्तिकर विभाग अब जनवरी तक वसूली नहीं कर सकेगा।

निगमायुक्त विनोद शर्मा ने स्वच्छता सर्वेक्षण में उच्च रैंक पाने के लिए संपत्तिकर विभाग का 85 कर्मचारियों का अमला भी गंदगी फैलाने वालों पर कार्रवाई में लगा दिया है।

अमले ने पहले दिन दुकानों पर जाकर जुर्माने की कार्रवाई शुरू कर दी। कुछ दुकानदारों ने विरोध किया, लेकिन कर्मचारियों ने सख्ती बरती और रसीदें थमा दीं। दुकानदारों को गीला और सूखा कचरा अलग-अलग करने दो डस्टबिन रखने के निर्देश दिए।

शुरू से ही रफ्तार बिगड़ी

प्रदेश सरकार ने ई-नगर पालिका के तहत संपत्तिकर सहित अन्य राजस्व वसूली के लिए प्रदेश के सभी नगरीय निकायों के लिए एक सॉफ्टवेयर बनाया है। ट्रायल केवल ग्वालियर नगर निगम से ही की है।

चालू वित्तीय वर्ष में अप्रैल से निगम प्रशासन ने इसी सॉफ्टवेयर के जरिए संपत्तिकर वसूली की प्रक्रिया शुरू की। लेकिन तकनीकी खामी के कारण दो माह तक वसूली नहीं हो सकी।

सॉफ्टवेयर तैयार करने वाली एजेन्सी के कर्मचारी यहां बुलाए गए। चार माह तक उन्होंने यहीं रहकर तकनीकी खामी दूर करने का प्रयास किया फिर भी तमाम खामियां रह गईं। अब कंपनी के कर्मचारी भी जा चुके हैं।

75 करोड़ का टारगेट

पिछले वित्तीय वर्ष में निगम ने 75 करोड़ संपत्तिकर वसूली का लक्ष्‌य रखा था, जिसमें से 52 करोड़ वसूले गए थे। चालू वित्तीय वर्ष में भी 75 करोड़ का लक्ष्य है।

नवंबर तक 30 करोड़ वसूलना थे, जिसमें से 25 करोड़ की वसूले जा सके हैं। स्वच्छता अभियान जनवरी तक चलेगा। इस कारण संपत्तिकर अमला जनवरी तक वसूली के बजाय गंदगी फैलाने वालों पर जुर्माने की कार्रवाई में और जागरुकता अभियान में कार्य करेगा।

ईकोग्रीन कंपनी को दी हिदायत

निगमायुक्त विनोद शर्मा ने शहर में कचरा संग्रहण एवं ठोस कचरा प्रबंधन का कार्य कर रही ईकोग्रीन कंपनी के अधिकारियों की बैठक ली।

बालभवन में आयोजित बैठक में निगमायुक्त ने कहा कि कंपनी अभी तक 26 वार्डों में ही डोर टू डोर कचरा संग्रहण का कार्य कर रही थी। अब 10 और वार्डों में यह सुविधा शुरू हुई है।

उन्होंने कंपनी के अधिकारियों से कहा कि वे वाहन चालकों को हिदायत दें कि वार्ड की लगभग हर गली में वे पहुंचें और कचरा लेकर आएं। उधर स्कूलों में भी बच्चों को स्वच्छता की शपथ दिलाने के लिए स्वच्छता के ब्रांड एंबेसडर कुछ स्कूलों में पहुंचे।

औचक निरीक्षण में गायब मिले कर्मचारी

निगम के नोडल स्वास्थ्य अधिकारी सत्यपाल सिंह चौहान ने वार्ड 24,28 व 30 में सुबह औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई सफाई कर्मचारी अनुपस्थित मिले। उनके खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।

 

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