राहुल-हार्दिक की सीक्रेट मीटिंग? CCTV फुटेज वायरल, पाटीदार नेता ने रखी ये 3 शर्तें

पाटीदार नेता हार्दिक पटेल और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की होटल ताज में हुई मुलाकात पर संशय बना हुआ है. एक ओर जहां मीडिया में होटल की सीसीटीवी फुटेज के आधार पर खबरें चल रही हैं कि दोनों नेताओं के बीच मुलाकात हुई है तो वहीं हार्दिक पटेल ने मीडिया के सामने राहुल के साथ किसी भी तरह की मुलाकात से इनकार किया है.

हार्दिक पटेल ने कहा है कि अगर उन्हें राहुल गांधी से मिलना होगा तो वे सबके सामने मिलेंगे.

हार्दिक पटेल की तीन शर्तें

हालांकि जो सूत्र राहुल और हार्दिक के बीच हुई मुलाकात की पुष्टि करते हैं उनके मुताबिक हार्दिक पटेल ने पाटीदार समाज की कई शर्तें इस मुलाकात के दौरान कांग्रेस उपाध्यक्ष के सामने रखीं. पहली शर्त पाटीदार आरक्षण, दूसरी शर्त जीत होने पर सरकार में भागीदारी और तीसरी शर्त राष्ट्रद्रोह के केस से जुड़ी है.

हार्दिक चाहते हैं कि कांग्रेस ये साफ करे कि किस तरह और संविधान के किस प्रावधान के जरिए कांग्रेस अगर सत्ता में आती है, तो पाटीदारों को आरक्षण देगी. कांग्रेस अगर सत्ता में आती है तो, सरकार में पाटीदारों की कितने प्रतिशत नेतृत्व मिलेगा.

इसके साथ ही पाटीदारों पर हुए राष्ट्रद्रोह के केस वापस लेना और पाटीदार युवाओं की हत्या के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात भी कही.

BJP के खिलाफ कांग्रेस को समर्थन देने को तैयार

साफ है कि हार्दिक पटेल ने अपने समाज के हक की कई बात राहुल गांधी के सामने रखी है. हार्दिक पटेल पहले इस मुलाकात को लेकर इनकार कर रहे थे, लेकिन होटल के सीसीटीवी में उन्हें होटल के अंदर जाते देखा गया.

सूत्रों के मुताबिक हार्दिक पटेल फिलहाल खुल कर कांग्रेस का समर्थ नहीं कर सकते हैं क्योंकि हार्दिक का पूरा समाज इस वक्त भले ही बीजेपी के साथ नहीं है, लेकिन पूरी तरह कांग्रेस को अपना भी नहीं सका है.

पाटीदारों में युवा और बुजुर्गों के बीच मतभेद हो गए हैं. ऐसे में हार्दिक पटेल को जब तक समाज का पूरा साथ नहीं मिलता है, तब तक वो खुल कर कांग्रेस का समर्थन नहीं करेंगे.

दस जिलों में रैलियां करेंगे हार्दिक

हार्दिक इन दिनों दिवाली के 10 दिनों में दस जिलों में बड़ी-बड़ी रैलियां करेंगे. इन रैलियों के जरिए हार्दिक अपने समाज का पूरा समर्थन हासिल करने की कोशिश करेंगे.

बता दें कि हार्दिक ने कांग्रेस को सशर्त समर्थन देने की बात पहले ही कही थी. वे कह चुके हैं कि बीजेपी को हराने के लिए कांग्रेस को साथ देना जरूरी है.

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