छत्तीसगढ़

हरिप्रसाद कांग्रेस को मंझधार में छोड़ गए, पुनिया डुबोकर जाएंगे : भगवानू

छजकां के प्रवक्ता ने पुनिया पर पलटवार

रायपुर। देश की सबसे पुरानी राजनीतिक दल कांग्रेस अब बाहरी राज्यों के प्रभारियों के कारण छत्तीसगढ़ में डूब रही है।

जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश प्रवक्ता भगवानू नायक ने कहा लंबे समय तक छत्तीसगढ़ प्रदेश में प्रभारी के रूप में रहे बीके हरिप्रसाद ने जहां भाजपा के बजाय राज्य के सर्वाधिक जनप्रिय नेता अजीत जोगी से लगातार भिड़ते रहे और कांग्रेस को कमजोर कर भाजपा की सरकार बनाने में सहयोग करते रहे हैं, यही कारण है कि छत्तीसगढ़ की ढाई करोड़ जनता के हित में छत्तीसगढ़ के माटी पुत्र, छत्तीसगढ़ियों के हितैषी अजीत जोगी ने नई पार्टी बना बनाई है। नायक ने कहा कि हरिप्रसाद तो कांग्रेस को बीच मंझधार में छोड़ गए अब नए प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया भी हरिप्रसाद के नक्शेकदम में चलते हुए सुबह शाम जोगी राग अलाप रहे हैं।

पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि पुनिया अपनी डूबती पार्टी को बचाने के बजाय जोगी के विरुद्ध बयान बाजी कर सुर्खियों में बने रहना चाहते हैं। हरिप्रसाद जी ने जिस कांग्रेस को बीच मंझधार में छोड़ गए पुनिया उसे डुबोकर जाएंगे।

स्थानीय नेताओं को लड़ा रहे हैं कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी : नायक ने कहा राजनैतिक दलों के प्रभारियों का काम राज्य में नेताओं के मध्य समन्वय स्थापित करना होता है न कि खुद को स्थापित करना। ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि छत्तीसगढ़ के तात्कालिक प्रभारी बीके हरिप्रसाद एवं वर्तमान प्रभारी पुनिया ने राज्य की राजनीति में खुद को स्थापित करने का काम किया है। दरअसल इन्हें राज्य में सरकार बने या न बने इससे कोई मतलब नहीं बल्कि आपस में स्थानीय नेताओं को लड़ाकर अपना सिक्का चलाना अच्छी तरह जान चुके हंै।

छत्तीसगढ़ की रीति-नीति की नहीं है जानकारी : उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की रीति-नीति संस्कृति, भाषा, बोली, गरीबी,बेरोजगारी, सामाजिक, आर्थिक, राजनीति, भौगोलिक स्थिति से अनभिज्ञ प्रभारी बन कर आए इन नेताओं को छत्तीसगढ़ से न कोई मतलब है और न रहेगा बल्कि छत्तीसगढ़िया नेताओं में फूट डालो और राज करो की नीति भलीभांति जानते हैं। साथ ही इनका एक मात्र उद्देश्य जोगी के खिलाफ बयान दो और बड़ा नेता बनो लेकिन उन्हें नहीं मालूम कि कांग्रेसी उनके विरुद्ध बयान दे सकते हैं लेकिन, बराबरी कभी नहीं कर सकते।

छत्तीसगढ़ की जनता इन राजनीतिक परिस्थितियों को अच्छी तरह जान चुकी है। छत्तीसगढ़ का फैसला न दिल्ली में होगा और महाराष्ट्र के नागपुर में होगा बल्कि छत्तीसगढ़ का फैसला छत्तीसगढ़ में होगा। नायक ने कहा कि अब छतीसगढ़ में छत्तीसगढ़ियों की अपनी जनता कांग्रेस की सरकार बनेगी और अजीत जोगी मुख्यमंत्री बनेंगे।

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