राष्ट्रीय

राज्यसभा में गूंजेगा ‘चुनावी हरिनाम’, होगा हरिवंश और हरिप्रसाद का सामना!

राजग के उप सभापति प्रत्याशी हरिवंश नारायण की टक्कर में साझा विपक्षी प्रत्याशी हरिप्रसाद

नई दिल्ली।

राज्यसभा के अगले उपसभापति का चुनाव इस मायने में काफी दिलचस्प होने वाला है कि इस पद के लिए दो ‘नर—हरि’ आमने—सामने होंगे। सत्तासीन राजग की ओर से जनता दल (यू) के प्रत्याशी हरिवंश नारायण सिंह और साझा विपक्षी उम्मीदवार के तौर पर बीके हरिप्रसाद ने बुधवार को अपने नामांकन पत्र दाखिल कर दिए हैं।

हरिप्रसाद राज्यसभा में सांसद के तौर पर कर्नाटक का प्रतिनिधित्व करते हैं। साथ ही वह अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव भी हैं।

बता दें कि राज्यसभा के उपसभापति पीजे कुरियन का कार्यकाल इस साल जून में पूरा हो गया है। 10 अगस्त को समाप्त होने वाले मॉनसून सत्र में सभापति ने उपसभापति चुनाव के लिए 9 अगस्त का दिन तय किया है। राज्यसभा के सभापति एम.वेकैंया नायडू ने सोमवार को शून्य काल के दौरान चुनाव के विवरण की घोषणा करते हुए कहा था कि सदस्य 8 अगस्त दोपहर 12 बजे तक अपना नोटिस ऑफ मोशन दे सकते हैं।

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इसके लिए राजग के नाराज दलों के साथ-साथ दूसरे दलों को साधने में जुट गए हैं। शिवसेना ने भी राजग को समर्थन देने की घोषणा भी कर दी है।

बहरहाल, चुनाव में नौ सदस्यों वाली बीजू जनता दल यानी बीजेडी के पास हार-जीत की चाबी है, क्योंकि बीजेडी ने अगर मतदान के दौरान सदन से अनुपस्थित रहने का फैसला किया तो भाजपा का गणित गड़बड़ा जाएगा।

बीजेडी के एक वरिष्ठ सांसद ने कहा कि राज्य में दोनों दल हमारे प्रतिद्वंद्वी हैं। चूंकि सूबे में विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव एक ही साथ होंगे, ऐसे में किसी एक पक्ष में जाने का फैसला बेहद उलझन भरा होगा।

बता दें कि कोई भी सदस्य प्रस्ताव महासचिव को संबोधित कर लिखित में नोटिस दे सकता है कि अन्य सदस्य को परिषद का उपसभापति चुना जाए और इस नोटिस को एक तीसरे सदस्य द्वारा समर्थन किया जाएगा। नियमों के अनुसार, एक सदस्य, एक से ज्यादा प्रस्ताव न तो रख सकता है और न ही एक से अधिक प्रस्ताव का समर्थन कर सकता है।

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