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हरमनप्रीत और स्मृति ने BCCI को भेजा ईमेल, लिखा पोवार अकेले गुनहगार नही

हरमनप्रीत और मंधाना ने ईमेल में साफ किया है कि मिताली को सेमीफाइनल में टीम से बाहर रखने का फैसला सभी ने मिलकर लिया था और ये फैसला अकेले पोवार का नहीं था।

भारतीय महिला क्रिकेट टीम के कोच रमेश पोवार और क्रिकेटर मिताली राज के बीच चल रहे विवाद में नया मोड़ आ गया है। टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर और उप कप्तान स्मृति मंधाना कोच पोवार के पक्ष में सामने आईं हैं।

इन दोनों खिलाड़ियों ने प्रशासकों की समिति के चेयरमैन विनोद राय, डायना इडुलजी, बोर्ड सीईओ राहुल जौहरी, जीएम सबा करीम, कार्यवाहक अध्यक्ष सीके खन्ना, अमिताभ चौधरी और अनिरुद्ध चौधरी को ईमेल लिखकर पोवार को टीम के कोच पद पर बनाए रखने की मांग की है।

हरमनप्रीत और मंधाना ने ईमेल में साफ किया है कि मिताली को सेमीफाइनल में टीम से बाहर रखने का फैसला सभी ने मिलकर लिया था और ये फैसला अकेले पोवार का नहीं था।

इस फैसले में पोवार के साथ उन दोनों के अलावा चयनकर्ता सुधा शाह और मैनेजर तृप्ति भट्टाचार्य शामिल थीं। यह फैसला पूरी तरह से खेल के तर्कों और पूर्व में किए गए अवलोकन के आधार पर लिया गया था।

उन्हें विश्वास है कि मिताली को बाहर किए जाने का फैसला व्यक्तिगत नहीं, बल्कि टीम के हितों को ध्यान में रखकर लिया गया था।

हरमनप्रीत ने यहां तक कहा है कि पोवार और मिताली को एक परिवार की तरह आपस में बैठकर अपने मतभेदों को सुलझाते हुए सुलह तक पहुंचना चाहिए।

यही उन दोनों और टीम के हित में रहेगा। हरमनप्रीत ने सभी अधिकारियों से अपील करते हुए कहा कि टी-20 टीम की कप्तान और वनडे टीम की उप कप्तान होने के नाते वह अपील करती हैं कि पोवार को टीम के कोच पद पर बरकरार रखा जाए।
यह ध्यान में रखना चाहिए कि ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टी-20 विश्व कप में 15 माह का समय शेष है। न्यूजीलैंड सीरीज भी नजदीक ही है।

जिस तरह से पोवार टीम में बदलाव लाए हैं, उन्हें नहीं लगता है कि ऐसे समय में उनके अलावा अन्य कोई कोच पद पर ठीक बैठेगा।

 

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