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हाथरस हत्याकांड: दिल दहला देने वाली वारदात में पीड़िता की मौत के बाद सियासत तेज

हाथरस गैंगरेप पीड़िता के परिवार को योगी सरकार ने 25 लाख रुपये का मुआवजा देने का ऐलान

नई दिल्ली:हाथरस मामले में SIT ने जांच शुरू कर दी है. आज एसआईटी ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की है. इस मामले में एसाआईटी को 7 दिन में जांच रिपोर्ट में सौंपनी है.

हाथरस गैंगरेप पीड़िता के परिवार को योगी सरकार ने 25 लाख रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया है. साथ ही उनके परिवार में किसी एक को सरकार नौकरी और घर दिया जाएगा. साथ ये केस फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलेगा.

वहीँ इस दिल दहला देने वाली वारदात में पीड़िता की मौत के बाद सियासत तेज हो गई है. अब अपराध की गंभीरता और पीड़िता की मौत के बाद नेता तेजी से सक्रिय होते हैं. पिछले कुछ समय से इस मामले को लेकर सियासी बयानबाजी जारी है.

समाजवादी पार्टी के मुखिया और पूर्व सीएम ने ताजा ट्वीट में लिखा कि ‘हाथरस की मृतका के परिजनों को शासन के मूक आदेश पर प्रशासन ने दौड़ा-दौड़ाकर मारा है. अब जनता भी इन सत्ताधारियों को दौड़ा-दौड़ाकर इंसाफ की चौखट तक ले जाएगी. भाजपा के कुशासन का असली रंग जनता देख रही है. कपटियों का लबादा उतरते में देर नहीं लगेगी.’

हाथरस की मृतका के परिजनों को शासन के मूक आदेश पर प्रशासन ने दौड़ा-दौड़ाकर मारा है. अब जनता भी ऐसे ही इन सत्ताधारियों को दौड़ा-दौड़ाकर इंसाफ़ की चौखट तक खींच के ले जाएगी.

भाजपा के कुशासन का असली रंग जनता देख रही है. कपटियों का लबादा उतरते अब देर नहीं लगेगी.

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव लगातार ट्वीट करके योगी सरकार को घेर रहें हैं. हाल ही उन्होने कहा था कि हाथरस की बेटी का जबरन दाह संस्‍कार सबूत मिटाने की कोशिश है यानी गैंगरेप पीडिता का जबरन दाह संस्‍कार भाजपा सरकार का पाप और अपराध है.

वहीं कांग्रेस पार्टी नेता और केरल के वायनाड से सांसद राहुल गांधी ने भी इस मामले को लेकर यूपी की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं.

UP के जंगलराज में बेटियों पर ज़ुल्म और सरकार की सीनाज़ोरी जारी है।

कभी जीते-जी सम्मान नहीं दिया और अंतिम संस्कार की गरिमा भी छीन ली।

भाजपा का नारा ‘बेटी बचाओ’ नहीं, ‘तथ्य छुपाओ, सत्ता बचाओ’ है।

पीड़िता और आरोपियों की जाति/धर्म और राजनीतिक नफे-नुकसान का अंदाजा लगाने के बाद जो संवेदना दिखाई जाती है उनती अगर किसी भी मामले के सामने आने पर दिखे तो न जाने कितनी बेटियों को बचाया जा सकता है.

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