स्वास्थ संयोजक कर्मचारी संघ 1 अगस्त से करेंगे अनिश्चित कालीन हड़ताल पर

होंगे सभी केंद्र बन्द, मीजल्स ,रूबेला जैसे कार्यक्रम होंगे प्रभावित, उपस्वास्थ्य केंद्रों में कल से लटकता दिखेगा ताला

जैजैपुर : स्वास्थ संयोजक कर्मचारी संघ छ ग के आह्वान पर जांजगीर जिले के समस्त स्वास्थ संयोजक कर्मचारी आर एच ओ ,एम पी एस ,एल एच भी ,बी इ टी ओ 1/08/18 से अनिश्चित कालीन हड़ताल में रहेंगे जिससे शासन प्रशासन द्वारा चलाये जा रहे बहुंत ही महत्व पूर्ण योजना मीजल्स रूबेला जैसे कार्यक्रम पूर्ण रूप से बंद हो जाएगा जिसके अंतर्गत जिले के लगभग 5,10,620 (9 माह से 15 साल )के बच्चे को टिका लगना था जो टीकाकरण से वंचित हो जाएंगे.

रायपुर के बूढ़ा तालाब धरना स्थल में प्रदेश के लगभग 10,000 स्वास्थ संयोजक ,पर्वेक्षक व बी इ टी ओ कर्मचारियों के सांथ जिले के लगभग 575 स्वास्थ कर्मचारी सामूहिक अवकाश लेकर धरना प्रदर्शन में सम्मिलित होंगे । जांजगीर जिले के सभी उपस्वास्थ्य केंद्र ,प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में टीकाकरण कार्य पूर्ण रूप से बाधित रहेगा ।

जिससे गर्भवती माताओं की जांच बच्चों का टीकाकरण नही हो पायेगा जिला अध्यक्ष जगन्नाथ गोस्वामी ने बताया कि हमे हड़ताल में जाने के लिये शासन द्वारा मजबूर किया जा रहा है ,स्वास्थ संयोजक कर्मचारी संघ 26 अक्टूबर 2015 से 5 नवम्बर 2015 तक अनिश्चित कालीन हड़ताल किया था जिसमे शासन प्रशासन के द्वारा आस्वाशन दिया गया था ,आज तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी जायज मांग पूर्ण नही हो पाया जिसके चलते सभी कर्मचारियों में काफी रोष ब्याप्त है ।

दिनांक 17 /07/2018 को सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया गया यदि मांग पूरी नही होती है तो संघ द्वारा 1 अगस्त से अनिश्चित कालीन हड़ताल में जाने का निर्णय लिया गया है जिससे गर्भवती जांच ,मलेरिया ,टी बी ,कुस्ट फाइलेरिया ,आन लाइन रिपोर्टिंग ,संक्रामक बीमारियां सहित सभी राषटीय कार्यक्रम पूर्ण रूप से बाधित होगा ।जिससे जन मानस को भारी समस्या उत्पन्न होगा जिसकी सम्पूर्ण जवाबदारी शासन प्रशासन की होगी ।

संघ की प्रमुख मांगे :-
1)ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारियों की वेतन विसंगति दूर कर संसोधित वेतन मान दिया जाये।
2)ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक के पद को तकनीक पद घोषित किया जाए।
3)ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजको की पदोन्नति सूची नियमानुसार जारी किया जाए।
4)स्वास्थ संयोजक कर्मचारी संघ के राज्य व जिला स्तर के पदाधिकारी के अवैतनिक अवकाश को वैतनिक किया जाये।
5)स्वास्थ संयोजक कर्मचारियों को सुरक्षा प्रदान किया जाए।

इन सभी मांगो पर सरकार उचित कदम नहीं उठाई इस वजह से अगस्त माह में होने वाले प्रस्तावित रूबेला टीकाकरण का पूर्ण रूप से बहिष्कार कर अनिश्चित कालीन हड़ताल के लिये जाने के लिये विवश है ।

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