छत्तीसगढ़

स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों से अस्पताल से डिस्चार्ज किए जाने पर ही घर लौटने की अपील की

ब्यूरो चीफ : विपुल मिश्रा।

रायपुर: स्वास्थ्य विभाग ने कोविड-19 के इलाज के लिए विभिन्न अस्पतालों में भर्ती मरीजों से अपील की है कि वे अस्पताल द्वारा विधिवत डिस्चार्ज किए जाने के बाद ही अपने घर लौटे। अस्पताल प्रशासन की जानकारी या अनुमति के बिना अपने मन से अस्पताल न छोड़ें और न ही वहां से भागें। उल्लेखनीय है कि कोविड-19 के इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती रायपुर के भाठागांव की एक महिला बिना बताए अपने घर आ गई थी। घर पर इस महिला की मौत के बाद संपर्क में आए परिजनों सहित कई लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना वायरस के ऐसे संक्रमितों जिनकी जांच रिपोर्ट पॉजिटिव्ह है, लेकिन उनमें किसी तरह के लक्षण नहीं हैं, उन्हें आइसोलेशन सेंटर (कोविड केयर सेंटर) में रहने कहा है। संक्रमण के लक्षणों वाले मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर इलाज किया जाएगा। विभाग ने लोगों से कंटेनमेंट जोन वाले क्षेत्रों में आवाजाही नहीं करने की भी अपील की है। शहर में कोविड-19 के ज्यादा मरीजों वाले बिरगांव, उरला, हीरापुर, कबीरनगर, टाटीबंध, कुकुरबेड़ा, मंगल बाजार में स्वीपर कॉलोनी, गुढ़ियारी, चंगोरा भाठा, भाठागांव, मठ पुरैना, मठपारा, शंकर नगर, न्यू शांति नगर, दलदल सिवनी, सड्डू और देवपुरी क्षेत्र में वायरस संक्रमण और संवहन अधिक है।

इन सभी क्षेत्रों में कंटेनमेंट जोन सक्रिय हैं। यहां सेनिटाइजेशन कर कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और एक्टिव सर्विलेंस की जा रही है। इन इलाकों में आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा यहां सभी लोगों के सैंपल लेने की कोशिश की जा रही है। इन क्षेत्रों के लोगों से ज्यादा सतर्कता बरतने और कोविड-19 के संक्रमण से बचाव संबंधी सभी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने की अपील स्वास्थ्य विभाग ने की है। विभाग ने प्रदेश के ज्यादा प्रभावित शहरों में 22 जुलाई से लागू हो रहे लॉक-डाउन के दौरान लोगों से घर पर ही रहने की अपील की है।

Tags

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button