चंद बोटीनुमा रिश्वत के आगे स्वास्थ्य विभाग नतमस्तक, वर्षो से बरमकेला के मुख्य मार्गों पर धड़ल्ले से संचालित हो रहे अवैध क्लीनिक, अधिकारी मौन क्यों है ??

हिमालय मुखर्जी ब्यूरो चीफ रायगढ़

बरमकेला के ग्राम बोन्दा में बना इतिहास 20 वर्षो से संचालित अवैध क्लिनिक से स्वास्थ्य विभाग अनजान ।

रायगढ़: रायगढ़ एक तरफ जहां जिला प्रशासन झोला छाप डॉक्टरों पर पाबंदी लगाने निर्देश जारी कर रही है। वही दूसरी और बरमकेला नगर पंचायत के ग्राम पंचायतों में झोलाछाप डॉक्टर बीते कई वर्षों से फल फूल रहा है। ऐसा ही हाल इस क्षेत्र के ग्राम पंचायत बोन्दा एवं ग्राम पंचायत सल्हेआना में देखने को मिला। जहां स्वास्थ्य विभाग के नियम कायदों की अनदेखी करते हुए धड़ल्ले से मुख्य मार्ग पर निजी चिकित्सकीय कार्य संचालित कर रहे हैं । हालांकि बरमकेला ब्लाक के जिम्मेदार अधिकारी श्री अवधेश पानिग्राही (बी एम ओ) समीप के ही गांव भिखमपुरा से है जो की अवैध रूप से संचालित क्लीनिक स्थल ग्राम बोन्दा से महज दो, तीन किलोमीटर ही दुरी पर निवासरत है। बावजूद इसके इसे जिम्मेदार अधिकारी का गैर जिम्मेदाराना रवैय्या कहे या फिर क्लिनिक संचालको के साथ गहरा सामंजस्य जिसकी वजह से इन्हें वर्षो से किसी भी विभागीय कार्यवाही का भय ही नही है।जिस पर आज पर्यन्त तक वर्तमान बी एम ओ साहब श्री अवधेश पाणिग्रही जी की नजर नहीं पड़ी है जो इस अवैध रूप से संचालित क्लीनिक स्थल से लगभग दो तीन किलोमीटर दूर से ही ग्राम भिखमपुरा से हैं और रोजाना अपने घर से डयूटी इसी मार्ग से ही होकर बरमकेला अस्पताल आते जाते हैं लेकिन क्या पता वे जानबूझकर उन पर नजर नहीं करते हैं या उस फर्जी डॉ को वो खुद ही संचालित करवा रहे हैं ये तो आने वाला वक्त ही बता पायेगा।

कही बोटीनुमा रिश्वत के आगे नतमस्तक होकर वर्षो से संचालित क्लिनिक की अनदेखी तो नही??

गौरतलब हो कि बरमकेला ब्लॉक में झोलाछाप डॉक्टरों की लम्बी फेहरिस्त नजर आ रही है।जो लंबे समय से बेख़ौफ़ स्वास्थ्य विभाग के नियम कायदों को दरकिनार कर अपनी रोटी सेक रहे है।जिनका शिकार भोले भाले ग्रामीण होते है। एक ऐसा ही मामला ग्राम पंचायत बोन्दा के मुख्य मार्ग में देखने को मिला जहां बिना डिग्री धारी झोलाछाप डॉक्टर (बंगाली) विश्वास नामक व्यक्ति 20 वर्षो से अपना व्यवसाय संचालित करता आ रहा है। वही आश्चर्य कि बात है कि उक्त क्लिनिक से ही महज चन्द दूरी पर विकासखण्ड चिकित्सा अधिकारी का निवास है। बावजूद इसके संचालित अवैध क्लिनिक पर इनकी नजर न पड़ना समझ से परे है। या कही बोटीनुमा रिश्वत के आगे नतमस्तक होकर वर्षो से संचालित क्लिनिक की अनदेखी की जा रही है । बहरहाल मामले की जानकारी बी एम ओ बरमकेला को उपलबध कराई गई है। देखना लाजमी होगा कि कलेक्टर के निर्देश उपरांत वे इस मामले में कितनी गम्भीरता दिखाते है।

बिना अनुमति धडल्ले से हो रहा अवैध क्लिनिक का संचालन,झोलाछाप डॉक्टरों को नही है कार्यवाही का खौफ

विदित हो कि अवैध क्लिनिक संचालको को बिना विभागीय अनुमति के क्लिनिक संचालन का थोड़ा भी खौफ नही है। इसका कारण जिम्मेदार अधिकारियों का कार्यवाही को लेकर कोताही बरता जाना कहा जाए तो यह अति संयोक्ति नही होगा। बहरहाल अब तो जिलाधीश महोदय ने भी झोला झाप डॉक्टरों पर सख्ती के निर्देश दिए गए है।जिसके बाद सम्भत जिले को झोला छाप डॉक्टरों के चंगुल से छुटकारा मिल सके।

बरमकेला अंचल में सैकड़ों झोलाछाप डॉक्टर है सक्रिय,,,

जिले के बरमकेला ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले मुख्य मार्गो पर बिना डिग्रीधारी झोला छाप डॉ आम लोगों के जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं जिस पर स्वास्थ्य विभाग के बीएमओ का छत्रछाया बना हुआ है जो आज पर्यन्त तक जारी है। पुरे बरमकेला अंचल में ऐसे सैकडों अवैध क्लीनिक संचालित है फिर भी आज तक किसी के ऊपर कोई कार्यवाही नहीं किया गया है जैसे कि चंद्रपुर मार्ग से बरमकेला मार्ग पर साल्हेओंना में मुख्य मार्ग पर भारत माता चौक के पास ही एक डॉ का क्लीनिक हो या उससे आगे गोबरसिंहा के मुख्य मार्ग पर स्थित डॉ का क्लिनिक या मामला नावापारा मुख्य मार्ग पर स्थित और चाहे बरमकेला से सोहिला रोड पर लेन्धरा और डोंगरीपाली मुख्य मार्ग पर हो,पुरे बरमकेला अंचल में सैकड़ों झोलाछाप डॉक्टर कुकुरमुत्ता की तरह फैले हुए हैं । कई तो मुख्य मार्गों में बकायदा क्लीनिक खोलकर संचालित कर रहे हैं जिनमें बहुत से झोलाछाप डॉक्टर लगभग 15 से 20 वर्ष लंबे कार्यकाल से सक्रिय हैं किंतु स्वास्थ्य विभाग द्वारा कार्यवाही न किया जाना या जानकारी में ना होना कई संदेहो को जन्म देता है साथ ही एक तरह से मौन सुकृति कि ओर भी इशारा कर रहा है ।
ऐसा कैसे हो सकता है कि कोई फर्जी डिग्री धारी झोलाछाप डॉक्टर मुख्य मार्गों पर निरंतर 15 से 20 वर्षों से क्लिनिक संचालन कर रहा हो और संबंधित क्षेत्र के जिम्मेदार अधिकारी के संज्ञान में ना हो ।

क्या कहते हैं स्वास्थ्य विभाग बरमकेला के मुख्य चिकित्सा अधिकारी श्री अवधेश पाणिग्रही,,,

ग्राम पंचायत बोन्दा में संचालित अवैध क्लेनिक को सील करने की कार्रवाही की जाएगी। तथा जरूरत पड़ी तो एफ़ आई आर भी दर्ज कराएंगे।

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