एम्बुलेंस 102 की सेवा में गुणात्मक सुधार हेतु स्वास्थ विभाग सख्त

एम्बुलेंस 102 की निःशुल्क सेवा में कोताही पर कार्रवाई

पटना: राज्य के सरकारी अस्पतालों में प्रसव हेतु गर्भवती महिलाओं को लाने एवं प्रसवोपरांत उन्हें घर वापस भेजने हेतु 102-एम्बुलेंस की सेवा निःशुल्क उपलब्ध है. इसके सेवा में अपेक्षित गुणात्मक सुधार नहीं होने पर पांच प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र/स्वास्थ्य संस्थानों के प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधकों को अनुबंध मुक्त करने का आदेश दिया गया है.

क्या है पूरा मामला: बिहार राज्य स्वास्थ्य समिति जून 2018 में सभी जिलों (खगड़िया, मुंगेर और सारण को छोड़कर) के जिले के सिविल सर्जन को निदेशित किया था कि प्रसव हेतु गर्भवती महिलाओं को घर से सरकारी अस्पताल लाने एवं प्रसव के पश्चात माताओं को घर वापस भेजने निःशुल्क 102-एम्बुलेंस सेवा का आनिवार्य रूप से उपयोग किया जाये.

एम्बुलेंस कॉल सेंटर से माह फरवरी में प्राप्त रिपोर्ट के आलोक में स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने दो-दो प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधकों की सूचि संलग्न करते हुए स्पष्टीकरण पूछ कर उनके विरुद्ध अनुशासनिक करवाई करने हेतु संबंधित जिलों को निदेशित किया था.

आदेश के बाद भी नहीं हुआ सुधार: 102-एम्बुलेंस सेवा के उपयोग सम्बन्धी फरवरी एवं मार्च के आंकड़ो के मिलान करने पर विभाग को ज्ञात हुआ कि पश्चिम 05 जिलों के पांच प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों की स्थिति में कोई गुणात्मक सुधार नहीं हुआ.

इन पांचों प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के द्वारा वरीय पदाधिकारी के आदेश का अक्षरशः अनुपालन नहीं किया गया, जिसके फलस्वरूप प्रसव के लिए आयी गर्भवती महिलाओं में से मात्र 33 प्रतिशत महिलाओं को ही घर वापसी के हेतु एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध करायी गयी.

कितनों को मिली सेवा: प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कुल संस्थागत प्रसव के सापेक्ष पश्चिम चंपारण जिले के रामनगर में 3 प्रतिशत , बेगुसराय जिले के तेघड़ा में 12 प्रतिशत, पूर्वी चंपारण के तुरकौलिया में 29 प्रतिशत,

मधेपुरा के कुमारखंड में 31 प्रतिशत एवं समस्तीपुर के बिथान में 32 प्रतिशत महिलाओं को ही एम्बुलेंस सेवा प्रदान किया गया. इन सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधकों के विरुद्ध कार्रवाई के आदेश दिए गए.

क्या हुई करवाई: पश्चिम चंपारण, बेगुसराय, पूर्वी चंपारण, मधेपुरा एवं समस्तीपुर के जिला स्वास्थ्य समिति अध्यक्ष सह जिला पदाधिकारी एवं सदस्य सचिव सह सिविल सर्जन को उक्त 05 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के प्रखंड स्वास्थ्य समन्वयक को वरीय पदाधिकारी के आदेश की अवहेलना एवं कर्तव्यहीनता के आरोप में अनुबंध मुक्त करने हेतु पंद्रह दिनों के अन्दर विधिसम्मत कार्रवाई करने का निदेश दिया है.

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