छत्तीसगढ़

स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने एंडवास्ड कॉर्डिएक इंस्टीट्यूट का किया लोकार्पण

एसीआई में ईपीएस, आरएफए एवं आईसीई मशीन के साथ शासकीय अस्पताल में देश का तीसरा संपूर्ण ईपी लैब

ब्युरो चीफ : विपुल मिश्रा

हृदय रोगों के इलाज के लिए 3.5 करोड़ की कैथलैब मशीन के साथ 7 करोड़ की अन्य एडवांस मशीनें

रायपुर. 22 अगस्त 2020: स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने आज रायपुर के डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय में नवस्थापित अत्याधुनिक एवं सर्वसुविधायुक्त कैथलैब के साथ एडवांस्ड कार्डियक इंस्टीट्यूट (एसीआई) का लोकार्पण किया। उन्होंने अपने निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए इसका उद्घाटन किया। एसीआई में 24 अगस्त से एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी एवं दिल की अन्य बीमारियों का इलाज शुरू हो जाएगा। आने वाले दिनों में हृदय से जुड़ी बीमारियों के इलाज के लिए यहां सभी सुविधाएं मिलेंगी।

स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने ई-लोकार्पण के दौरान एसीआई की टीम को बधाई देते हुए कहा कि नवस्थापित कैथलैब के शुरू हो जाने से हृदय रोगियों के उपचार में और अधिक सहूलियत होगी। अत्याधुनिक मशीनों के कारण दिल से जुड़ी एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी, इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी अध्ययन पहले की अपेक्षा तेजी से किया जा सकेगा। इससे दिल के मरीजों को काफी फायदा होगा।

सिंहदेव ने कोविड-19 के बढ़ते मामलों को

सिंहदेव ने कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए डॉक्टरों और अन्य चिकित्सकीय स्टॉफ को पूरी सावधानी एवं सतर्कता से ड्यूटी करने को कहा। उन्होंने कहा कि कोरोना से लड़ाई के साथ खुद की सुरक्षा पर ध्यान देना और संक्रमण से बचना जरूरी है।

एसीआई में साढ़े तीन करोड़ रुपए की लागत से अत्याधुनिक कैथलैब मशीन स्थापित किया गया है। कैथलैब मशीन के साथ यहां करीब सात करोड़ रुपए की लागत से एडवांस तकनीक वाली अन्य मशीनें भी स्थापित की गईं हैं। ईपीएस, आरएफए एवं आईसीई मशीन को मिलाकर संपूर्ण ईपी (इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी) लैब तैयार किया गया है। लखनऊ एवं जम्मू-कश्मीर के बाद यह पूरे भारत का तीसरा शासकीय संस्थान होगा जिसमें ये तीनों मशीनें एक साथ स्थापित हैं।

Health Minister T.S. Singhdev inaugurated the Endowed Cordiac Institute

एडवांस्ड कार्डियक इंस्टीट्यूट में अत्याधुनिक कैथलैब मशीन के साथ करीब सात करोड़ रूपए की लागत से इंट्रा ऑर्टिक बैलून पम्प, रेडियो फ्रिक्वेंसी एबिलेशन, इंट्रा कार्डियक इकोकॉर्डिग्राफ, इंट्रावैस्कुलर अल्ट्रासाउंड फ्रैक्शन फ्लो रिजर्व एवं इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी स्टडीज जैसी एडवांस तकनीक वाली अन्य मशीनें भी स्थापित की गई हैं। एसीआई को चिकित्सा नैदानिक उपकरणों के संचालन के लिए भारत सरकार के परमाणु ऊर्जा नियामक परिषद से विकिरण सुरक्षा का लाइसेंस मिल चुका है।

एसीआई में ई-लोकार्पण के दौरान चिकित्सा शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव रेणु जी. पिल्लै, रायपुर मेडिकल कॉलेज के अधिष्ठाता डॉ. विष्णु दत्त, डॉ. भीमराव अम्बेडकर अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनित जैन, एसीआई के कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. स्मित श्रीवास्तव, कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. के.के. साहू, डॉ. मानिक चटर्जी, डॉ. ओ.पी. सुंदरानी, डॉ. निशांत चंदेल, डॉ. अल्ताफ युसुफ मीर एवं डॉ. जोगेश दासवानी मौजूद थे।

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