‘कुंभ’ को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल, चार जनवरी को होगी सुनवाई

योगी सरकार ने बदला था कुंभ का नाम

इलाहाबाद: इलाहाबाद में संगम तट पर छह साल पर आयोजित होने वाले पर्व को अब अर्धकुंभ के स्थान पर कुंभ और 12 साल पर होने वाले कुंभ को अब महाकुंभ कहा जाएगा।

23 अक्टूबर 2018 को दी गई थी मंजूरी

इसके साथ ही प्रयागराज मेला प्राधिकरण के गठन को भी मंजूरी दे दी गई है। बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता वाली प्रदेश कैबिनेट ने धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिहाज से 23 अक्टूबर 2018 को मंजूरी दी गई थी।

अब अर्धकुंभ का नाम बदलकर कुंभ करने की इस फैसले को लेकर सरकारी घोषणा के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। याचिका पर शुक्रवार चार जनवरी को सुनवाई होगी।

योगी सरकार ने किया प्रयागराज में लगने वाले कुंभ मेले के नाम में बदलाव

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रयागराज में लगने वाले कुंभ मेले के नाम में बदलाव किया था। जिसके तहत अर्धकुंभ को कुंभ के नाम से व कुंभ को महाकुंभ के नाम से अब पहचान दी गई है। अर्धकुम्भ को शासन द्वारा कुंभ के रूप में मान्यता देने के बाद पूरे विश्व में इसी नाम का प्रचार प्रसार भी हो रहा है।

शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने भी इस पर किया था कटाक्ष

हालांकि नाम बदलने को लेकर काफी विरोध भी हुआ और बीते दिनों शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने भी इस पर कटाक्ष किया था और अर्ध कुंभ व कुंभ की महत्ता को बताते हुए इस तरह के नामकरण को गलत बताया था। उन्होंने कहा था कि यह धर्म सम्मत नहीं है, सरकार को इस तरह के धार्मिक क्रियाकलापों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।

हाईकोर्ट तय करेगा नाम

वेद पुराणों में दर्ज कुंभ व अर्धकुंभ की महत्ता व संत महात्माओं के धर्मोपदेश को आधार बनाकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में अधिवक्ता सुनीता शर्मा व तृप्ति वर्मा ने जनहित याचिका दाखिल की है।

याचिका पर 4 जनवरी को सुनवाई होगी और सुनवाई में ही हाईकोर्ट तय करेगा कि मौजूदा कुंभ का नाम अर्धकुंभ होगा या सरकार द्वारा बदला गया नाम ही जारी रहेगा।

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