राम जन्मभूमि मामले को लेकर सुनवाई आगे बढ़ी

नई दिल्ली।

सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को राम जन्मभूमि मामले को लेकर सुनवाई आगे बढ़ी। सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की मांग पर बहस सुनकर फैसला सुरक्षित रखा। इस दौरान हिंदू पक्ष के वकील ने पिछली सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन के हिंदू तालिबान वाले बयान पर आपत्ति जताई। उन्होंने मांग की कि सर्वोच्च न्यायालय में इस तरह के शब्दों के उपयोग पर रोक लगाई जानी चाहिए।

मालूम हो कि सर्वोच्च न्यायालय में अयोध्या केस की सुनवाई के तहत बेंच हिंदू व मुस्लिम पक्षों को सुन रही है। इसी सुनवाई के दौरान पिछले दिनों मुस्लिम पक्ष के वकील ने यह बयान दिया था।

आज की आपत्ति के बावजूद मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने कहा कि वे अपनी बात पर कायम हैं। उन्होंने कहा, 6 दिसंबर 1992 को मस्जिद ढहाई थी, वे हिंदू तालिबानी थे ठीक वैसे ही जैसे, बामियान में मुस्लिम तालिबान ने बुध की मूर्ति गिराई थी।

मुख्य न्यायाधीश ने धवन की भाषा पर ऐतराज जताते हुए इसे गलत करार दिया। उन्होंने कहा, वकील कोर्ट की गरिमा और भाषा का ध्यान रखें।

इस पर राजीव धवन ने सीजेआई से असमति जताते हुए कहा कि उन्हें असहमत होने का अधिकार है। यही नहीं धवन ने कहा कि वे अपनी बात पर कायम हैं। इसके बाद कोर्ट में मौजूद वकीलों ने धवन के हिंदू तालिबान कहने का विरोध किया।

इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने मस्जिद को इस्लाम का अभिन्न हिस्सा न मानने वाले 1994 के इस्माइल फारुखी फैसले के इस अंश पर दोबारा विचार के लिए संविधान पीठ को भेजने की मुस्लिम पक्ष की मांग पर बहस सुनकर फैसला सुरक्षित रखा।

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