झीरम घाटी प्रकरण में दूसरे पुलिस रिपोर्ट पर केंद्र के NIA द्वारा दायर अपील पर सुनवाई जारी

जितेंद्र मुदलियार के तरफ से वकीलो ने पक्ष रखा। सुनवाई आज तीसरे दिन भी जारी रहेगी

झीरम घाटी घटना में दूसरी एफआईआर को चुनौती देने वाली एनआईए की अपील पर शिकायतकर्ता जितेन्द्र मुदलियार की ओर से बहस हुई कल राज्य शासन ओर से बहस की जायेगी उच्च न्यायालय की माननीय जस्टिस मनीन्द्र श्रीवास्तव और जस्टिस विमला सिंह कपूर की खण्डपीठ में आज एनआईए की उस याचिका की अन्तिम सुनवाई चल रही है। जिसमें एनआईए ने झीरम घाटी हमले पर बस्तर पुलिस द्वारा की गई दूसरी एफआईआर पर रोक लगाने और उसे अन्वेषण के लिये एनआईए को ही दिये जाने का अनुरोध किया है।

कल हुई बहस के बाद एनआईए की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल विक्रमजीत बैर्नजी ने जगदलपुर एनआईए कोर्ट के अधिकारों के संबंध में शेष बची हुई बहस पूरी की । इसके अनुसार दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 91 और एनआईए एक्त की धारा 11 से 16 में वर्णित एनआईए कोर्ट के अधिकार नई एफआईआर एनआईए को स्थानांतरिक करने के लिये पर्याप्त है।

आज एफआईआर कराने वाले जितेन्द्र मुदलियार , जिनके पिता स्व . उदय मुदलियार झीरम घाटी हमले में शहीद हुये थे , की ओर से अधिवक्ता सुदीप श्रीवास्तव और संदीप दुबे ने बहस की। माननीय खण्डपीठ को यह बताया गया कि सामान्य रूप से अपराधो की जांच का अधिकार राज्य पुलिस को होता है परन्तु एनआईए एक्ट इसका एक अपवाद है और आतंकवादी एवं अन्य संबंधित अपराधों के लिये केन्द्र सरकार की एजेंसी एनआईए को भी जांच सौपी जाती है।

चुंकि यह अधिनियम केवल चुनिंदा धाराओं पर लागू होता है अतः झीरम घाटी हमले के वृहद षड्यंत्र की जांच हेतु दर्ज एफआईआर शेड्यूल ऑफेन्स में नहीं आती। न ही इस एफआईआर को एनआईए को हस्तांतरित करने का कोई आदेश केन्द्र सरकार ने जारी किया है जैसा कि एनआईए एक्ट के प्रावधानों के तहत आवश्यक है। यहा तक कि धारा 8 में वर्णित अन्य अपराध तब ही प्राभावशील होंगे जब दोनों ही एफआईआर में अभियुक्त समान हो । इसके साथ ही जगदलपुर एनआईए कोर्ट को नई एफआईआर स्थानांतरित करने का अधिकार भी नहीं है।

आज जितेन्द्र मुदलियार की ओर से बहस पुरी नहीं हुई अतः कल राज्य शासन की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता आलोक बख्शी और उपमहाधिवक्ता मतीन सिद्धिकी की बहस के पहले मुदलियार की ओर से शेष बहस की जायेगी । सुनवाई के दौरान केन्द्र सरकार के एएसजी रमाकांत मिश्रा उपस्थित रहे ।

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